Delhi: दिल्ली सरकार ने ‘मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना’ के तहत 1,300 श्रद्धालुओं को गुजरात के सोमनाथ मंदिर ले जाने का फैसला किया है। यह यात्रा सोमनाथ मंदिर में आस्था के 1,000 साल पूरे होने के मौके पर आयोजित क
Delhi: दिल्ली सरकार ने ‘मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना’ के तहत 1,300 श्रद्धालुओं को गुजरात के सोमनाथ मंदिर ले जाने का फैसला किया है। यह यात्रा सोमनाथ मंदिर में आस्था के 1,000 साल पूरे होने के मौके पर आयोजित की जा रही है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता इस ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगी।
यात्रा का शेड्यूल और रूट क्या है?
श्रद्धालुओं के लिए एक स्पेशल ट्रेन दिल्ली के सफदरजंग रेलवे स्टेशन से 30 अप्रैल को रवाना होगी। यह पूरी यात्रा तीन दिनों की होगी, जो 1 मई से 3 मई तक चलेगी। इस यात्रा का उद्देश्य लोगों को भारत की सांस्कृतिक विरासत और सनातन परंपराओं से जोड़ना है।
कौन कर सकता है आवेदन और क्या हैं नियम?
इस योजना का लाभ उठाने के लिए कुछ जरूरी शर्तें तय की गई हैं। इसमें केवल दिल्ली के निवासी शामिल हो सकते हैं जिनकी उम्र 60 साल या उससे ज्यादा है। साथ ही, आवेदक सरकारी कर्मचारी नहीं होना चाहिए और उसकी सालाना आय 3 लाख रुपये से कम होनी चाहिए।
- सहयोगी: तीर्थयात्री के साथ 21 साल से ऊपर का एक सहायक जा सकता है।
- खर्च: यात्रा, खाने और रहने का पूरा खर्च दिल्ली सरकार उठाएगी।
- सुविधाएं: गुजरात पहुंचने के बाद वहां ठहरने, भोजन और पानी का इंतजाम गुजरात सरकार करेगी।
सोमनाथ यात्रा का महत्व क्या है?
यह यात्रा ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ के रूप में मनाई जा रही है। यह उस समय को याद करने के लिए है जब 1026 में महमूद गजनवी ने मंदिर पर हमला किया था। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यह पहल ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना को मजबूत करेगी और लोगों में सामाजिक सद्भाव बढ़ाएगी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
सोमनाथ यात्रा के लिए पात्रता क्या है?
दिल्ली के 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र के निवासी, जिनकी वार्षिक आय 3 लाख रुपये से कम है और जो सरकारी कर्मचारी नहीं हैं, आवेदन कर सकते हैं।
यात्रा का खर्च कौन उठाएगा?
यात्रा, भोजन और आवास का पूरा खर्च दिल्ली सरकार उठाएगी, जबकि गुजरात में सुविधाओं का इंतजाम गुजरात सरकार द्वारा किया जाएगा।