Delhi के लाल डोरा इलाकों में मिलेंगे स्मार्ट प्रॉपर्टी कार्ड, अब घर पर लोन लेना होगा आसान

Delhi: दिल्ली सरकार लाल डोरा और आबादी गांवों के निवासियों के लिए स्मार्ट प्रॉपर्टी कार्ड लाने की तैयारी कर रही है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने राजस्व विभाग की समीक्षा बैठक में इस योजना के कार्यान्वयन और वितरण पर चर्चा की।

Delhi: दिल्ली सरकार लाल डोरा और आबादी गांवों के निवासियों के लिए स्मार्ट प्रॉपर्टी कार्ड लाने की तैयारी कर रही है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने राजस्व विभाग की समीक्षा बैठक में इस योजना के कार्यान्वयन और वितरण पर चर्चा की। इस कदम से उन लोगों को बड़ी राहत मिलेगी जिनके पास लंबे समय से अपने घरों के औपचारिक कागजात नहीं थे।

यह पूरी पहल केंद्र सरकार की ‘स्वामित्व’ (Svamitva) योजना के तहत की जा रही है, जिसे 2020 में शुरू किया गया था। दिल्ली में इसे लागू करने के लिए ‘दिल्ली आबादी देह सर्वे और रिकॉर्ड मैनेजमेंट रूल्स, 2025’ का पालन किया जा रहा है। अब तक 48 गांवों में सर्वे का काम पूरा हो चुका है और 30 गांवों के लिए फाइनल प्रॉपर्टी कार्ड तैयार हैं। कुल 12,232 संपत्तियों का सर्वे किया गया, जिनमें से 8,423 संपत्तियां विवाद मुक्त पाई गई हैं और वे स्मार्ट कार्ड के लिए पात्र हैं।

इन स्मार्ट प्रॉपर्टी कार्ड्स की खासियत यह है कि ये UIDAI के मानकों वाले हाई-क्वालिटी PVC कार्ड होंगे, जिनमें QR कोड और डिजिटल रूप से सत्यापित रिकॉर्ड होंगे। कार्ड में प्रॉपर्टी आईडी (PID), मालिक का नाम, पिता या पति का नाम, कुल क्षेत्रफल, बना हुआ हिस्सा, खुला क्षेत्र और भू-आधार नंबर जैसी जरूरी जानकारियां दर्ज होंगी। कार्ड पर मौजूद QR कोड को स्कैन करने पर डिजिटल फॉर्म-13 खुलेगा, जिसमें प्रॉपर्टी का नक्शा, सीमाएं और तहसीलदार के डिजिटल हस्ताक्षर वाला ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट होगा।

विवरण जानकारी
कुल सर्वे की गई संपत्तियां 12,232
विवाद मुक्त संपत्तियां 8,423 (लगभग 69%)
सर्वे पूरे हुए गांव 48
कार्ड तैयार गांवों की संख्या 30
कार्ड का प्रकार PVC कार्ड (QR कोड युक्त)
सिस्टम इंटीग्रेशन DORIS (Delhi Online Registration Information System)

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि इस पहल का मकसद संपत्तियों के रिकॉर्ड को पारदर्शी और सुरक्षित बनाना है ताकि लोगों को कानूनी विवादों से निजात मिल सके। वहीं, दक्षिण दिल्ली के बीजेपी सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी ने कहा कि इन कार्ड्स की मदद से गांव के लोग अब बैंकों से आसानी से लोन ले सकेंगे। लाल डोरा इलाके 1908 से राजस्व रिकॉर्ड में आबादी क्षेत्र के रूप में दर्ज हैं, जिन्हें अब आधुनिक तकनीक के जरिए डिजिटल पहचान दी जा रही है।