Delhi: दिल्ली सरकार के एक स्कूल में पढ़ने वाले 22 साल के छात्र निखिल ने अपनी मेहनत और हुनर से 3D-printing का अपना स्टार्टअप शुरू किया है। निखिल ने अपनी पढ़ाई के दौरान ही बिजनेस और नई तकनीक को सीखा और अब वह अपने घर से ही
Delhi: दिल्ली सरकार के एक स्कूल में पढ़ने वाले 22 साल के छात्र निखिल ने अपनी मेहनत और हुनर से 3D-printing का अपना स्टार्टअप शुरू किया है। निखिल ने अपनी पढ़ाई के दौरान ही बिजनेस और नई तकनीक को सीखा और अब वह अपने घर से ही मैन्युफैक्चरिंग का काम संभाल रहे हैं। उनका यह स्टार्टअप अब बड़े संस्थानों के साथ जुड़कर काम कर रहा है।
निखिल ने कैसे शुरू किया अपना बिजनेस
निखिल को बिजनेस और 3D प्रिंटिंग की जानकारी दिल्ली सरकार के Business Blasters प्रोग्राम के जरिए मिली थी। उन्होंने अपनी 12वीं कक्षा की पढ़ाई के दौरान ही उद्यमिता (entrepreneurship) की बारीकियों को समझा। इसी ट्रेनिंग और जुनून की वजह से उन्होंने अपना स्टार्टअप खड़ा किया, जो अब तेजी से बढ़ रहा है।
किन बड़े संस्थानों के साथ काम कर रहा है स्टार्टअप
निखिल का स्टार्टअप अब सिर्फ छोटे प्रोजेक्ट्स तक सीमित नहीं है। वह Indian Council of Medical Research (ICMR) के प्रोजेक्ट्स के लिए ब्लड-टेस्टिंग मशीनों की बाहरी प्लास्टिक बॉडी तैयार कर रहे हैं। इसके अलावा, वह ड्रोन बनाने वाली कंपनियों के लिए चेसिस और पूरी बॉडी बनाने का काम भी कर रहे हैं। उनके क्लाइंट्स में SPA जैसे संस्थान भी शामिल हैं।
छात्रों के लिए क्या है नई NEEEV स्कीम
दिल्ली सरकार ने अब Business Blasters की जगह NEEEV (New Era of Entrepreneurial Ecosystem and Vision) स्कीम शुरू की है। इस नई योजना के लिए बजट में 20 करोड़ रुपये दिए गए हैं। इसमें कक्षा 8 से 12 तक के छात्रों को ट्रेनिंग दी जाएगी और शॉर्टलिस्ट किए गए प्रोजेक्ट्स को 20,000 रुपये तक की आर्थिक मदद मिलेगी। साथ ही, Atal Tinkering Labs (ATLs) के जरिए छात्रों को 3D प्रिंटर और AI जैसे टूल्स मिलेंगे।
Frequently Asked Questions (FAQs)
निखिल का स्टार्टअप किन संस्थाओं के लिए काम कर रहा है
निखिल का स्टार्टअप ICMR के लिए ब्लड-टेस्टिंग मशीनों की बॉडी और ड्रोन निर्माताओं के लिए चेसिस तैयार कर रहा है।
NEEEV स्कीम क्या है और इसमें कितनी मदद मिलती है
NEEEV दिल्ली सरकार की नई स्कीम है जो छात्रों को बिजनेस ट्रेनिंग देती है। इसमें चुने गए प्रोजेक्ट्स को 20,000 रुपये की वित्तीय सहायता दी जाती है।