Delhi: दिल्ली के सरकारी स्कूलों में अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। सीलमपुर और उत्तर-पूर्वी दिल्ली के कई स्कूलों में 11वीं और 12वीं कक्षा के छात्रों को अंग्रेजी माध्यम की जगह हिंदी माध्यम में
Delhi: दिल्ली के सरकारी स्कूलों में अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। सीलमपुर और उत्तर-पूर्वी दिल्ली के कई स्कूलों में 11वीं और 12वीं कक्षा के छात्रों को अंग्रेजी माध्यम की जगह हिंदी माध्यम में पढ़ने पर मजबूर होना पड़ रहा है। इससे छात्रों और उनके अभिभावकों में काफी चिंता है क्योंकि उनका भविष्य और करियर दांव पर लगा है।
छात्रों और अभिभावकों को क्या परेशानी हो रही है?
सीलमपुर और CR Dass SKV जैसे स्कूलों में अंग्रेजी माध्यम के सेक्शन बंद किए जा रहे हैं या उन्हें हिंदी माध्यम के साथ मिला दिया गया है। छात्रों का कहना है कि उन्हें अपनी पसंद के माध्यम में पढ़ने का मौका नहीं मिल रहा है। कई बच्चों को अब या तो हिंदी माध्यम में पढ़ाई करनी पड़ रही है या फिर दूसरे स्कूलों में ट्रांसफर लेना पड़ रहा है। इससे बच्चों के आत्मविश्वास और बातचीत करने के तरीके पर बुरा असर पड़ रहा है।
सरकारी नियम और वर्तमान स्थिति क्या है?
दिल्ली सरकार के शिक्षा निदेशालय (Directorate of Education) ने 10 जुलाई 2025 को आदेश दिया था कि हर सरकारी स्कूल में कम से कम एक अंग्रेजी माध्यम का सेक्शन शुरू किया जाए। यह फैसला उन बच्चों के लिए था जो आगे चलकर साइंस और टेक्नोलॉजी में पढ़ाई करना चाहते हैं। लेकिन अब मई 2026 की रिपोर्ट बताती है कि कई स्कूलों में शिक्षकों की कमी के कारण इन अलग सेक्शन को बंद कर दिया गया है और छात्रों को हिंदी माध्यम में मर्ज कर दिया गया है।
शिक्षा विभाग से क्या मांग की गई है?
शिक्षा कार्यकर्ता और वकील Ashok Agarwal ने इस मामले में शिक्षा निदेशालय को पत्र लिखा है। उन्होंने मांग की है कि इस पूरे मामले की जांच की जाए कि आखिर क्यों अंग्रेजी माध्यम के सेक्शन बंद किए जा रहे हैं। उन्होंने सरकार से अपील की है कि छात्रों को उनकी पसंद के माध्यम में पढ़ाई जारी रखने की सुविधा दी जाए ताकि उनकी पढ़ाई का नुकसान न हो। फिलहाल शिक्षा निदेशालय की तरफ से इस पर कोई आधिकारिक जवाब नहीं आया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
दिल्ली के किन स्कूलों में अंग्रेजी माध्यम की पढ़ाई को लेकर समस्या है?
मुख्य रूप से उत्तर-पूर्वी और पूर्वी दिल्ली के स्कूलों में यह समस्या है, जिसमें सीलमपुर क्षेत्र के स्कूल और CR Dass SKV जैसे संस्थान शामिल हैं।
सरकार का अंग्रेजी माध्यम को लेकर पुराना आदेश क्या था?
10 जुलाई 2025 को शिक्षा निदेशालय ने आदेश दिया था कि सभी सरकारी स्कूलों में हर कक्षा के लिए कम से कम एक अंग्रेजी माध्यम सेक्शन अनिवार्य रूप से शुरू किया जाए।