Delhi: दिल्ली सरकार राजधानी के 75 CM Shri स्कूलों में पुराने रेनवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम को फिर से चालू करने जा रही है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि इस कदम से पानी की बचत होगी और जमीन के नीचे जल स्तर को सुधारने मे
Delhi: दिल्ली सरकार राजधानी के 75 CM Shri स्कूलों में पुराने रेनवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम को फिर से चालू करने जा रही है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि इस कदम से पानी की बचत होगी और जमीन के नीचे जल स्तर को सुधारने में मदद मिलेगी। यह पूरी योजना ‘Catch the Rain 2026’ अभियान का हिस्सा है, जिसकी शुरुआत 1 और 2 मई 2026 को की गई थी।
स्कूलों में कैसे होगा पानी का संरक्षण?
इन 75 स्कूलों के सिस्टम को सुधारने के लिए सरकार ‘Ehsaas’ मॉडल का इस्तेमाल करेगी। यह मॉडल 2021 में Delhi Jal Board द्वारा मंजूर किया गया था क्योंकि इसमें खर्चा कम आता है, जगह कम लगती है और इसे संभालना बहुत आसान है। इस सिस्टम के जरिए छतों पर गिरने वाले बारिश के पानी को फिल्टर करके बोरवेल और स्टोरेज यूनिट में भेजा जाएगा, जिससे सूखे बोरवेल भी दोबारा चालू हो सकते हैं।
आम जनता और सरकारी दफ्तरों के लिए क्या नियम हैं?
सरकार ने नियम बनाया है कि 100 स्क्वायर मीटर या उससे ज्यादा बड़े सभी भवनों में रेनवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाना जरूरी है। जो लोग इसे लगवाएंगे, उन्हें पानी के बिल में 10 प्रतिशत तक की छूट मिलेगी। इसके अलावा, सभी सरकारी दफ्तरों में भी यह सिस्टम अनिवार्य होगा और पुराने सिस्टम की मरम्मत कर उनकी डिजिटल निगरानी की जाएगी।
Delhi Jal Board से कितनी मदद मिलेगी?
- Delhi Jal Board सिस्टम लगवाने के लिए 50,000 रुपये तक की आर्थिक मदद देगा।
- सिस्टम लगाने के लिए तकनीकी सहायता भी प्रदान की जाएगी।
- 75 स्कूलों के इंफ्रास्ट्रक्चर का ऑडिट और तकनीकी जांच पूरी कर ली गई है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
रेनवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगवाने पर क्या फायदा मिलेगा?
दिल्ली में 100 स्क्वायर मीटर या उससे अधिक के भवनों में यह सिस्टम लगवाने वाले नागरिकों को उनके पानी के बिल में 10 प्रतिशत तक की छूट मिल सकती है।
Delhi Jal Board इस काम में कैसे मदद करेगा?
Delhi Jal Board सिस्टम की स्थापना के लिए 50,000 रुपये तक की वित्तीय सहायता और जरूरी तकनीकी सपोर्ट प्रदान करेगा।