Delhi में बिजली कंपनियों के 38,500 करोड़ रुपये का होगा CAG ऑडिट, आम जनता की जेब पर पड़ेगा असर

Delhi: दिल्ली सरकार ने शहर की तीन निजी बिजली वितरण कंपनियों (discoms) के खातों की जांच के लिए CAG ऑडिट का आदेश दिया है। यह पूरा मामला 38,500 करोड़ रुपये के ‘रेगुलेटरी एसेट्स’ से जुड़ा है, जिसे आगे चलकर बिजली

Delhi: दिल्ली सरकार ने शहर की तीन निजी बिजली वितरण कंपनियों (discoms) के खातों की जांच के लिए CAG ऑडिट का आदेश दिया है। यह पूरा मामला 38,500 करोड़ रुपये के ‘रेगुलेटरी एसेट्स’ से जुड़ा है, जिसे आगे चलकर बिजली उपभोक्ताओं से वसूला जाना है। दिल्ली के उपराज्यपाल (LG) ने इस ऑडिट आदेश को अपनी मंजूरी दे दी है।

साल 2002 में बिजली वितरण के निजीकरण के बाद यह पहली बार है जब ऐसा कोई ऑडिट कराया जा रहा है। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने 6 अगस्त 2025 को अपने फैसले में एक सख्त और गहन ऑडिट के निर्देश दिए थे, जिसके बाद जनवरी 2026 में CAG ने अपनी सैद्धांतिक मंजूरी दी थी। बिजली विभाग ने बुधवार, 1 जुलाई 2026 को औपचारिक आदेश जारी कर दिया है।

यह ऑडिट CAG एक्ट, 1971 की धारा 20(1) के तहत किया जाएगा। सरकार ने उम्मीद जताई है कि यह प्रक्रिया तीन महीने के भीतर पूरी हो जाएगी, हालांकि काम की जटिलता को देखते हुए इसमें समय बढ़ाया भी जा सकता है। दिल्ली के बिजली मंत्री आशीष सूद ने इसे पारदर्शिता और जवाबदेही की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया है। उन्होंने कहा कि दिल्ली के हर बिजली उपभोक्ता और टैक्स देने वाले व्यक्ति को यह जानने का हक है कि यह भारी रकम कैसे जमा हुई और इसका फायदा किसे मिला।

रेगुलेटरी एसेट्स का मतलब वह खर्च है जो कंपनियों ने बिजली सप्लाई पर किया, लेकिन उन्हें टैरिफ और सब्सिडी के जरिए वह पैसा नहीं मिला। अब इस बकाया राशि को बिजली बिलों में सरचार्ज लगाकर ग्राहकों से वसूला जाता है। कंपनियों का बकाया विवरण इस प्रकार है:

बिजली कंपनी (Discom) बकाया राशि (करोड़ रुपये में)
BSES Rajdhani Power Ltd (BRPL) 19,174
BSES Yamuna Power Limited (BYPL) 12,333
Tata Power Delhi Distribution Limited (TPDDL) 7,046
कुल राशि 38,500

इस मामले में अप्रैल में अपीलीय अधिकरण (APTEL) ने भी दिल्ली बिजली नियामक आयोग (DERC) को इन बकायों की वसूली शुरू करने का निर्देश दिया था। वहीं, BSES के प्रवक्ता ने इस पूरे मामले पर टिप्पणी करने से इनकार करते हुए कहा कि यह मामला अभी कोर्ट में है।