Delhi: दिल्ली सरकार ने शहर की हरियाली को बचाने और पेड़ों की अवैध कटाई रोकने के लिए एक नया स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) लागू किया है। 20 अप्रैल 2026 को अधिसूचित इस नियम का मकसद पेड़ों को नुकसान पहुंचाने वालों पर कड़ी
Delhi: दिल्ली सरकार ने शहर की हरियाली को बचाने और पेड़ों की अवैध कटाई रोकने के लिए एक नया स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) लागू किया है। 20 अप्रैल 2026 को अधिसूचित इस नियम का मकसद पेड़ों को नुकसान पहुंचाने वालों पर कड़ी कार्रवाई करना और उनकी सुरक्षा के लिए एक पारदर्शी सिस्टम बनाना है। मुख्यमंत्री Rekha Gupta ने इसे दिल्ली के ग्रीन कवर को बचाने की दिशा में एक बड़ा कदम बताया है।
पेड़ों की सुरक्षा के लिए क्या हैं नए इंतजाम?
सरकार ने शिकायतों के लिए एक टोल-फ्री Green Helpline नंबर 1800118600 और एक ऑनलाइन पोर्टल शुरू किया है। अब आम लोग पेड़ों की कटाई या नुकसान की जानकारी इस नंबर या वेबसाइट पर दे सकेंगे। त्वरित कार्रवाई के लिए मुख्यालय और डिवीजन स्तर पर Quick Response Teams (QRTs) बनाई गई हैं, जो मौके पर पहुंचकर सबूत जुटाएंगी।
- 24×7 निगरानी के लिए फॉरेस्ट कंट्रोल रूम बनाए गए हैं।
- Beat Officers और Tree Officers को उपकरण जब्त करने और कानूनी कार्रवाई करने का अधिकार मिला है।
- शिकायत मिलने पर QRT टीम तय समय के अंदर मौके पर पहुंचेगी।
इमरजेंसी में पेड़ काटने और ट्रांसप्लांटेशन के क्या नियम हैं?
Environment Minister Manjinder Singh Sirsa ने साफ किया है कि सरकार की पहली पसंद पेड़ को काटने के बजाय उसे ट्रांसप्लांट करना यानी दूसरी जगह लगाना होगा। इसके लिए विशेष मशीनों और सर्टिफाइड विशेषज्ञों की मदद ली जाएगी। साथ ही, इमरजेंसी स्थितियों के लिए भी नियम बनाए गए हैं ताकि जनता की सुरक्षा बनी रहे।
| स्थिति/नियम |
विवरण |
| इमरजेंसी स्थिति |
सड़क बाधित होना, ढांचों को नुकसान या खतरनाक तरीके से झुके पेड़। |
| इमरजेंसी रिपोर्टिंग |
कार्य के 24 घंटे के भीतर e-Forest पोर्टल पर फोटो और लोकेशन के साथ जानकारी देना जरूरी। |
| ट्रांसप्लांटेशन टारगेट |
एक साल की निगरानी में कम से कम 80% पेड़ों का जीवित रहना अनिवार्य। |
| जुर्माना |
नियमों के उल्लंघन पर प्रति पेड़ 57,000 रुपये तक का जुर्माना लग सकता है। |
| पेड़ की परिभाषा |
30 सेमी ऊंचाई पर कम से कम 5 सेमी व्यास और 1 मीटर लंबाई वाला पौधा। |