Delhi: दिल्ली सरकार अब कुष्ठ रोग यानी Leprosy को ‘नोटिफ़िएबल डिजीज’ घोषित करने जा रही है। इसका मतलब है कि अब शहर के किसी भी सरकारी या प्राइवेट अस्पताल, क्लिनिक या डॉक्टर के पास अगर कोई मरीज आता है, तो उसकी जा
Delhi: दिल्ली सरकार अब कुष्ठ रोग यानी Leprosy को ‘नोटिफ़िएबल डिजीज’ घोषित करने जा रही है। इसका मतलब है कि अब शहर के किसी भी सरकारी या प्राइवेट अस्पताल, क्लिनिक या डॉक्टर के पास अगर कोई मरीज आता है, तो उसकी जानकारी प्रशासन को देनी होगी। दिल्ली स्वास्थ्य विभाग ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है और जल्द ही इसे लागू किया जाएगा।
इस नए नियम से आम लोगों को क्या फायदा होगा?
इस कदम का मुख्य मकसद कुष्ठ रोग के मामलों का जल्दी पता लगाना और उनका सही समय पर इलाज करना है। दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने बताया कि इससे उन मरीजों को ढूंढने में मदद मिलेगी जो डर या शर्म की वजह से सामने नहीं आते। सरकार का लक्ष्य है कि हर मरीज को सम्मानजनक तरीके से इलाज मिले और बीमारी को फैलने से रोका जा सके। सरकारी अस्पतालों में इसका इलाज Multi-Drug Therapy के जरिए बिल्कुल मुफ्त किया जाएगा।
डॉक्टरों और अस्पतालों के लिए क्या हैं नए निर्देश?
एक बार नोटिफिकेशन जारी होने के बाद, दिल्ली के सभी सरकारी और प्राइवेट हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स के लिए यह जरूरी होगा कि वे हर नए केस की रिपोर्ट District Leprosy Officer को भेजें। इसमें छोटे क्लिनिक और अकेले प्रैक्टिस करने वाले डॉक्टर भी शामिल हैं। यह नियम इसलिए बनाया गया है क्योंकि देश में करीब 44.1% मरीज प्राइवेट अस्पतालों में इलाज कराते हैं, जिनकी जानकारी सरकारी रिकॉर्ड में नहीं आ पाती। इससे बीमारी का प्रसार कम होगा और समय पर जांच से मरीज को विकलांगता से बचाया जा सकेगा।
किन राज्यों में पहले से लागू है यह सिस्टम?
दिल्ली सरकार का यह फैसला WHO की सिफारिशों पर आधारित है। भारत के कई अन्य राज्य जैसे तमिलनाडु, महाराष्ट्र, कर्नाटक, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल में कुष्ठ रोग को पहले से ही नोटिफ़िएबल डिजीज बनाया जा चुका है। हालांकि भारत ने 2005 में ही इसे पब्लिक हेल्थ समस्या के रूप में खत्म करने का लक्ष्य हासिल कर लिया था, लेकिन दुनिया के कुल नए मामलों में भारत की हिस्सेदारी अब भी करीब 59% है, जिसे कम करने के लिए यह सख्ती की जा रही है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
नोटिफ़िएबल डिजीज का क्या मतलब है?
इसका मतलब है कि जब किसी डॉक्टर या अस्पताल को इस बीमारी का कोई मरीज मिलता है, तो उसे इसकी कानूनी तौर पर सरकारी स्वास्थ्य अधिकारी (जैसे District Leprosy Officer) को रिपोर्ट करना अनिवार्य होता है।
क्या कुष्ठ रोग का इलाज संभव है?
हाँ, स्वास्थ्य मंत्री के अनुसार कुष्ठ रोग पूरी तरह से ठीक हो सकता है। सरकारी केंद्रों पर Multi-Drug Therapy के माध्यम से इसका मुफ्त इलाज उपलब्ध कराया जाता है।