Delhi: राजधानी में अवैध निर्माण और सुरक्षा नियमों की अनदेखी के कारण हुए दर्दनाक हादसों के बाद सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री Rekha Gupta ने Disaster Management Act, 2005 को लागू करने का फैसला किया है। अब उन अधि
Delhi: राजधानी में अवैध निर्माण और सुरक्षा नियमों की अनदेखी के कारण हुए दर्दनाक हादसों के बाद सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री Rekha Gupta ने Disaster Management Act, 2005 को लागू करने का फैसला किया है। अब उन अधिकारियों पर गाज गिरेगी जिन्होंने भ्रष्टाचार या लापरवाही के चलते गलत निर्माण को मंजूरी दी थी।
अवैध निर्माण पर क्या होगी कार्रवाई और क्या हैं नियम?
सरकार ने साफ कर दिया है कि जिन इमारतों में ‘Ground plus 4’ मंजिल से ज्यादा निर्माण पाया जाएगा, उन्हें तुरंत सील कर दिया जाएगा। इसके लिए जिला स्तर और उप-मंडल स्तर पर कमेटियां बनाई गई हैं जो शहर भर में सर्वे करेंगी। खासकर उन कमर्शियल दुकानों और होटलों पर नजर रखी जाएगी जिनके पास फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट नहीं है। MCD ने हौज़ खास विलेज और सैदुलाजब जैसे इलाकों में सीलिंग की कार्रवाई शुरू कर दी है।
लापरवाह अधिकारियों और बिल्डरों के लिए क्या है सजा?
Disaster Management Act की धारा 51, 55 और 56 के तहत दोषी पाए गए अधिकारियों को 2 साल तक की जेल और भारी जुर्माना भरना पड़ सकता है। LG T.S. Sandhu ने निर्देश दिए हैं कि MCD के इंजीनियर और तकनीकी स्टाफ की जवाबदेही तय होगी। इसके अलावा, लापरवाही की वजह से हुए नुकसान की वसूली दोषी अधिकारियों की सैलरी, पेंशन और उनकी संपत्ति से की जाएगी। इसके लिए Revenue Recovery Act, 1890 का इस्तेमाल होगा।
District Magistrates (DMs) को क्या शक्तियां मिली हैं?
अब DM के पास सीधे तौर पर इमारतों को सील करने और दोषी अधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज कराने का अधिकार होगा। वे कारण बताओ नोटिस जारी कर सकते हैं और विभागीय कार्रवाई की सिफारिश कर सकते हैं। मुख्यमंत्री ने सभी DMs को निर्देश दिया है कि वे अवैध निर्माण हटाने की दैनिक रिपोर्ट सौंपें ताकि काम में तेजी आए। यह कदम मालवीय नगर के होटल अग्निकांड और साकेत के पास बिल्डिंग गिरने जैसी घटनाओं के बाद उठाया गया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
कितनी मंजिल वाली इमारतों को सील किया जाएगा?
अगर कोई इमारत ‘Ground plus 4’ मंजिल से ज्यादा ऊंची पाई जाती है और उसमें अवैध निर्माण है, तो उसे तुरंत सील कर दिया जाएगा।
दोषी अधिकारियों को क्या सजा मिल सकती है?
लापरवाही या भ्रष्टाचार के दोषी अधिकारियों को 2 साल तक की जेल और भारी जुर्माना हो सकता है, साथ ही उनकी संपत्ति से नुकसान की वसूली की जाएगी।