Delhi: दिल्ली सरकार ने हिंदू श्रद्धालुओं के लिए ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व – सोमनाथ यात्रा’ की शुरुआत की है। 30 अप्रैल 2026 को सफदरजंग रेलवे स्टेशन से एक विशेष ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया, जिसमे
Delhi: दिल्ली सरकार ने हिंदू श्रद्धालुओं के लिए ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व – सोमनाथ यात्रा’ की शुरुआत की है। 30 अप्रैल 2026 को सफदरजंग रेलवे स्टेशन से एक विशेष ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया, जिसमें करीब 1,300 से 1,400 भक्त सवार हैं। यह यात्रा दिल्ली के लोगों को उनकी आध्यात्मिक विरासत और सनातन परंपराओं से जोड़ने के लिए आयोजित की गई है।
यात्रा का खर्च और सुविधाएं कौन उठा रहा है?
इस पूरी यात्रा का खर्च श्रद्धालुओं के लिए पूरी तरह मुफ्त रखा गया है। रेल यात्रा और खाने-पीने का पूरा खर्च दिल्ली सरकार उठा रही है। वहीं, गुजरात पहुंचने के बाद वहां रुकने की व्यवस्था, स्थानीय ट्रांसपोर्ट और मंदिर दर्शन की जिम्मेदारी गुजरात सरकार की होगी।
सोमनाथ यात्रा का उद्देश्य और महत्व क्या है?
दिल्ली की मुख्यमंत्री Rekha Gupta और केंद्रीय संस्कृति मंत्री Gajendra Singh Shekhawat ने इस ट्रेन को रवाना किया। मुख्यमंत्री ने बताया कि यह यात्रा सोमनाथ मंदिर पर 1026 में हुए पहले हमले के 1,000 साल पूरे होने के अवसर पर ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ के रूप में मनाई जा रही है। इसका मकसद राष्ट्रीय गौरव को बढ़ाना और ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना को मजबूत करना है।
यात्रा का शेड्यूल और मुख्य बातें
| विवरण |
जानकारी |
| रवानगी की तारीख |
30 अप्रैल 2026 |
| दर्शन का समय |
1 मई से 3 मई 2026 |
| प्रस्थान स्टेशन |
Safdarjung Railway Station, Delhi |
| कुल श्रद्धालु |
1,300 से 1,400 |
| मुख्य गंतव्य |
Somnath Temple, Gujarat |
Frequently Asked Questions (FAQs)
सोमनाथ यात्रा के लिए श्रद्धालुओं को कितना पैसा देना होगा?
यह पूरी यात्रा श्रद्धालुओं के लिए मुफ्त है। दिल्ली सरकार ट्रेन और खाने का खर्च उठा रही है, जबकि गुजरात सरकार ठहरने और स्थानीय यात्रा का इंतजाम कर रही है।
यह यात्रा क्यों आयोजित की जा रही है?
यह यात्रा ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ के तहत आयोजित की गई है, जो सोमनाथ मंदिर पर हुए पहले हमले के 1,000 साल पूरे होने की याद में और सांस्कृतिक विरासत को जोड़ने के लिए शुरू की गई है।