Delhi: दिल्ली सरकार ने सरकारी गाड़ियों के इस्तेमाल पर बड़ी पाबंदी लगा दी है। अब मुख्यमंत्री, मंत्री और अन्य अधिकारी अपने काम के लिए कम से कम गाड़ियों का इस्तेमाल करेंगे और पब्लिक ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा देंगे। इसी कड़ी में
Delhi: दिल्ली सरकार ने सरकारी गाड़ियों के इस्तेमाल पर बड़ी पाबंदी लगा दी है। अब मुख्यमंत्री, मंत्री और अन्य अधिकारी अपने काम के लिए कम से कम गाड़ियों का इस्तेमाल करेंगे और पब्लिक ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा देंगे। इसी कड़ी में NDMC ने भी अपने कर्मचारियों के लिए वर्क फ्रॉम होम (WFH) के निर्देश जारी किए हैं ताकि सड़कों पर भीड़ और ईंधन की खपत कम हो सके।
मंत्रियों ने पब्लिक ट्रांसपोर्ट का क्यों किया इस्तेमाल?
मुख्यमंत्री Rekha Gupta ने बताया कि यह फैसला प्रधानमंत्री Narendra Modi की ईंधन बचाने की अपील के बाद लिया गया है। वैश्विक हालातों को देखते हुए पेट्रोल और डीजल बचाना अब राष्ट्रीय हित का मामला बन गया है। कानून मंत्री Kapil Mishra और शिक्षा मंत्री Ashish Sood ने Metro से सफर किया, जबकि परिवहन मंत्री Dr. Pankaj Singh ने विकासपुरी से सचिवालय तक DTC बस का इस्तेमाल किया। सरकार अब कारपूलिंग और इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) को बढ़ावा दे रही है।
NDMC के वर्क फ्रॉम होम (WFH) नियम क्या हैं?
New Delhi Municipal Council (NDMC) ने ग्रुप बी और ग्रुप सी के एक-तिहाई स्टाफ को घर से काम करने की अनुमति दी है। यह आदेश तुरंत प्रभाव से लागू हो गया है। विभाग के प्रमुख उन कर्मचारियों को चुनेंगे जो दूर रहते हैं और निजी गाड़ियों का इस्तेमाल करते हैं। हालांकि, स्वास्थ्य सेवाओं, इमरजेंसी और यूटिलिटी से जुड़े जरूरी कर्मचारियों को इस सुविधा से बाहर रखा गया है। इसका मकसद डिजिटल कामकाज को बढ़ाना और ईंधन की बचत करना है।
ईंधन बचाने के लिए और क्या कदम उठाए गए?
मंत्री Parvesh Sahib Singh ने निर्देश दिए हैं कि सरकारी विभागों में गाड़ियों का उपयोग सीमित किया जाए। अब अधिकारियों को हफ्ते में एक दिन ‘नो कार डे’ का पालन करना होगा और ज्यादा से ज्यादा वर्चुअल मीटिंग्स करनी होंगी। सभी विभागों को अब नियमित रूप से इसकी रिपोर्ट देनी होगी कि उन्होंने ईंधन बचाने के लिए क्या कदम उठाए हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
NDMC में किन कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम की सुविधा मिलेगी?
NDMC के ग्रुप बी और ग्रुप सी के एक-तिहाई स्टाफ को WFH की सुविधा मिलेगी। प्राथमिकता उन लोगों को दी जाएगी जो दूर के इलाकों से आते हैं और निजी वाहन का उपयोग करते हैं।
दिल्ली सरकार ने सरकारी गाड़ियों पर क्या पाबंदी लगाई है?
मुख्यमंत्री, मंत्रियों और अधिकारियों को न्यूनतम गाड़ियों के इस्तेमाल, कारपूलिंग और पब्लिक ट्रांसपोर्ट अपनाने का निर्देश दिया गया है ताकि पेट्रोल-डीजल की बचत हो सके।