Delhi: जंतर मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वालों पर केस नहीं करेगी सरकार, सोनम वांगचुक ने तोड़ा 26 दिन का उपवास

Delhi: केंद्र सरकार ने दिल्ली के जंतर मंतर पर शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन करने वाले लोगों और 20 जुलाई को संसद मार्च में शामिल हुए युवाओं पर केस दर्ज न करने का संकेत दिया है। यह भरोसा केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री J.P.

Delhi: केंद्र सरकार ने दिल्ली के जंतर मंतर पर शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन करने वाले लोगों और 20 जुलाई को संसद मार्च में शामिल हुए युवाओं पर केस दर्ज न करने का संकेत दिया है। यह भरोसा केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री J.P. Nadda ने दिया है। इस आश्वासन के बाद एक्टिविस्ट सोनam Wangchuk ने मेदांता अस्पताल में अपना 26 दिनों का उपवास खत्म किया है।

सोनम वांगचुक ने शुक्रवार, 23 जुलाई 2026 को केंद्रीय मंत्री J.P. Nadda और जितेंद्र सिंह की मौजूदगी में अपना व्रत तोड़ा। उन्होंने बताया कि सरकार के साथ लंबी बातचीत के बाद और आंदोलन के हिंसक होने की आशंका को देखते हुए उन्होंने यह फैसला लिया। वांगचुक की मांग थी कि प्रदर्शन में शामिल छात्रों और युवाओं के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई न की जाए।

सरकार ने केवल केस न करने का ही भरोसा नहीं दिया है, बल्कि NEET पेपर लीक और परीक्षा सुधारों पर संसद में चर्चा करने की बात भी कही है। साथ ही, पेपर लीक की वजह से आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को उचित मुआवजा देने पर भी सकारात्मक विचार किया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस मामले पर बोलते हुए कहा कि पेपर लीक कोई मामूली चूक नहीं है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाए जाएंगे।

दूसरी तरफ, 20 जुलाई के ‘संसद चलो’ मार्च के दौरान दिल्ली पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज और आंसू गैस के इस्तेमाल पर दिल्ली हाई कोर्ट ने जवाब मांगा है। कोर्ट में एक जनहित याचिका (PIL) भी दाखिल की गई है, जिसमें इस मार्च की NIA जांच की मांग की गई है। दिल्ली पुलिस ने अब तक इस मार्च से जुड़े 10 FIR दर्ज किए हैं। इसी बीच, उच्च शिक्षा सचिव विनीत जोशी का तबादला पंचायती राज मंत्रालय में कर दिया गया है।