Delhi में सरकारी काम समय पर कराना होगा कानूनी हक, कैबिनेट ने मंजूर किया नया बिल
Delhi: दिल्ली के लोगों के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने का समय अब कम हो सकता है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में मंगलवार, 14 जुलाई 2026 को कैबिनेट ने ‘दिल्ली (राइट ऑफ सिटीजन टू टाइम बाउंड एंड ईज ऑफ डिल
Delhi: दिल्ली के लोगों के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने का समय अब कम हो सकता है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में मंगलवार, 14 जुलाई 2026 को कैबिनेट ने ‘दिल्ली (राइट ऑफ सिटीजन टू टाइम बाउंड एंड ईज ऑफ डिलीवरी ऑफ सर्विसेज) बिल, 2026’ को मंजूरी दे दी है। इस नए कानून के आने के बाद नागरिकों को तय समय सीमा के भीतर सरकारी सेवाएं मिलना उनका कानूनी अधिकार होगा।
यह नया बिल 2011 के पुराने कानून की जगह लेगा और इसे आधुनिक तकनीक से जोड़ा जाएगा। अब पूरी प्रक्रिया डिजिटल होगी, जिससे काम में होने वाली देरी को आसानी से पकड़ा जा सकेगा। अगर किसी अधिकारी ने तय समय में काम नहीं किया, तो मामला अपने आप ऊपर के अधिकारियों के पास चला जाएगा। साथ ही, शिकायतों के निपटारे के लिए एक स्वतंत्र सिस्टम बनाया जाएगा और लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों पर जुर्माने का प्रावधान भी रखा गया है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि इस कदम का मकसद सुशासन और पारदर्शिता को बढ़ाना है। इससे सरकारी मशीनरी की जवाबदेही तय होगी और आम जनता को सशक्त बनाया जा सकेगा। इस बिल को अब दिल्ली विधानसभा के आगामी मानसून सत्र में अंतिम मंजूरी के लिए पेश किया जाएगा।
बता दें कि इससे पहले 23 जून 2026 को सरकार ने पुराने कानून में 23 नई सेवाएं जोड़ी थीं, जिससे कुल सेवाओं की संख्या 584 हो गई थी। इनमें फैक्ट्री प्लान की मंजूरी, दुकान का रजिस्ट्रेशन, सीवरेज कनेक्शन और फिल्म शूटिंग की अनुमति जैसी सुविधाएं शामिल हैं, जिनके लिए 1 से 60 दिनों तक का समय तय किया गया है। अब नए बिल के तहत ‘दिल्ली राइट टू सर्विस कमीशन’ नाम की एक स्वतंत्र बॉडी बनाई जाएगी, जो यह देखेगी कि विभाग नियमों का पालन कर रहे हैं या नहीं।