Delhi: यमुना नदी को साफ करने के लिए दिल्ली सरकार ने एक बड़ा प्लान तैयार किया है। अब नदी और नालों में प्रदूषण की जांच के लिए मोबाइल वैन और आधुनिक ऑनलाइन सिस्टम का इस्तेमाल किया जाएगा। इस पूरी व्यवस्था से मई 2026 से रियल-ट
Delhi: यमुना नदी को साफ करने के लिए दिल्ली सरकार ने एक बड़ा प्लान तैयार किया है। अब नदी और नालों में प्रदूषण की जांच के लिए मोबाइल वैन और आधुनिक ऑनलाइन सिस्टम का इस्तेमाल किया जाएगा। इस पूरी व्यवस्था से मई 2026 से रियल-टाइम डेटा मिलना शुरू हो जाएगा, जिससे यह पता चलेगा कि नदी में गंदगी कहाँ से और कितनी आ रही है।
यमुना और नालों की निगरानी कैसे होगी?
सरकार ने कुल 41 ऑनलाइन मॉनिटरिंग स्टेशन (OLMS) लगाने का फैसला किया है। इनमें से 6 स्टेशन सीधे यमुना नदी के किनारे पल्ला, ISBT ब्रिज, ITO, निजामुद्दीन ब्रिज, ओखला बैराज और असगरपुर पर लगाए जाएंगे। बाकी के 35 स्टेशन शहर के बड़े नालों पर होंगे। इन स्टेशनों के जरिए पानी के तापमान, pH लेवल, ऑक्सीजन और अन्य केमिकल की जांच की जाएगी। कुछ खास नालों पर CCTV कैमरे और फ्लो मीटर भी लगाए जा रहे हैं ताकि पानी की क्वालिटी और बहाव पर नजर रखी जा सके।
क्या है सरकार का पूरा प्लान और लक्ष्य?
पर्यावरण मंत्री Manjinder Singh Sirsa ने बताया कि यह सिस्टम पारदर्शिता लाने के लिए लगाया जा रहा है। इससे यह पहचानना आसान होगा कि प्रदूषण कहाँ से बढ़ रहा है और कौन जिम्मेदार है। यह कदम सरकार के 45 सूत्रीय एक्शन प्लान का हिस्सा है, जिसका मकसद 2028 तक यमुना को साफ करना है। हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि गंदे पानी में मौजूद ‘फिकल कोलीफॉर्म’ की जांच अभी भी पुराने तरीके से मैनुअल ही की जाएगी, क्योंकि ऑनलाइन सिस्टम इसे नहीं माप सकता।
प्रोजेक्ट की समयसीमा और काम की स्थिति
इस प्रोजेक्ट के लिए मार्च 2026 में टेंडर जारी किया गया था और 41 स्टेशनों का काम अप्रैल 2026 के अंत तक पूरा होने की उम्मीद थी। दिल्ली जल बोर्ड (DJB) ने फरवरी 2026 में ही पांच बड़े नालों में इस सिस्टम को लगाने का ऐलान कर दिया था। इन स्टेशनों के रखरखाव और संचालन का कॉन्ट्रैक्ट तीन साल के लिए किया गया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
यमुना की मॉनिटरिंग के लिए कितने स्टेशन लगाए जा रहे हैं?
कुल 41 ऑनलाइन मॉनिटरिंग स्टेशन लगाए जा रहे हैं, जिनमें से 6 यमुना नदी के अलग-अलग पॉइंट्स पर और 35 बड़े नालों पर तैनात होंगे।
रियल-टाइम डेटा मिलना कब से शुरू होगा?
दिल्ली सरकार के मुताबिक, यमुना और उसके नालों की रियल-टाइम मॉनिटरिंग और डेटा जनरेशन का काम मई 2026 से शुरू होगा।