Delhi में प्रदूषण खत्म करने के लिए सरकार का 8300 करोड़ का महाप्लान, World Bank के साथ मिलकर शुरू हुआ प्रोजेक्ट

Delhi: दिल्ली की हवा को साफ करने और लोगों को सांस लेने लायक माहौल देने के लिए सरकार ने एक बहुत बड़ा कदम उठाया है। वर्ल्ड बैंक की मदद से 8,300 करोड़ रुपये का ‘स्वच्छ हवा, स्वस्थ दिल्ली’ कार्यक्रम शुरू किया गया

Delhi: दिल्ली की हवा को साफ करने और लोगों को सांस लेने लायक माहौल देने के लिए सरकार ने एक बहुत बड़ा कदम उठाया है। वर्ल्ड बैंक की मदद से 8,300 करोड़ रुपये का ‘स्वच्छ हवा, स्वस्थ दिल्ली’ कार्यक्रम शुरू किया गया है। यह प्रोजेक्ट सितंबर 2026 से अगस्त 2033 तक यानी कुल सात साल तक चलेगा, जिससे शहर की हवा की क्वालिटी में सुधार लाने की कोशिश होगी।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 3 जुलाई, 2026 को इस योजना की घोषणा की थी। प्रोजेक्ट को सही तरीके से लागू करने के लिए 10 जुलाई को एक वर्कशॉप भी रखी गई, जिसमें मुख्यमंत्री ने खुद हिस्सा लिया। उन्होंने साफ कहा कि यह सिर्फ प्रदूषण रोकने का प्रोग्राम नहीं है, बल्कि दिल्ली के लोगों की सेहत और बेहतर भविष्य के लिए किया गया एक लंबा निवेश है। मुख्यमंत्री के मुताबिक, हवा साफ करना किसी एक विभाग का काम नहीं है, बल्कि इसमें सभी सरकारी विभागों को मिलकर काम करना होगा।

पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने बताया कि सरकार ने पर्यावरण को सबसे ऊपर रखा है। साल 2026-27 के ग्रीन बजट में कुल बजट का करीब 21% हिस्सा सिर्फ स्वच्छ हवा, हरित दिल्ली और यमुना की सफाई के लिए रखा गया है। उम्मीद है कि दिल्ली का यह मॉडल आने वाले समय में देश के दूसरे शहरों के लिए भी मिसाल बनेगा।

इस पूरे प्रोजेक्ट का खर्च दिल्ली सरकार और वर्ल्ड बैंक मिलकर उठाएंगे। कुल लागत का 35% हिस्सा दिल्ली सरकार देगी, जबकि बाकी 65% पैसा वर्ल्ड बैंक लोन के रूप में देगा। इस काम को लागू करने की मुख्य जिम्मेदारी पर्यावरण विभाग और दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) की होगी। इनके साथ परिवहन विभाग, PWD, नगर निगम और जल बोर्ड जैसे कई विभाग भी जुड़े हुए हैं।

मुख्य फोकस एरिया क्या कदम उठाए जाएंगे
वाहनों का प्रदूषण पुराने वाहनों को हटाना और Electric Vehicles को बढ़ावा देना
सड़क और कचरा सड़क की धूल रोकना और ठोस कचरा प्रबंधन को सुधारना
निगरानी सिस्टम AI के जरिए निर्माण स्थलों की निगरानी और नया कमांड सेंटर बनाना
हरियाली शहर में ग्रीन स्पेस बढ़ाना और जल प्रदूषण कम करना
तकनीक उन्नत वायु गुणवत्ता निगरानी प्रणाली और डेटा एनालिटिक्स का इस्तेमाल

हाल ही में हुई वर्कशॉप में वर्ल्ड बैंक के जानकारों ने सरकारी अधिकारियों को पैसों के मैनेजमेंट, खरीदारी की प्रक्रिया और पर्यावरण सुरक्षा मानकों की ट्रेनिंग दी। चर्चा इस बात पर हुई कि कैसे पब्लिक ट्रांसपोर्ट को बेहतर बनाया जाए और सड़कों पर उड़ने वाली धूल को रोका जाए। यह पूरा प्रोग्राम ‘विकसित भारत 2047’ के विजन को पूरा करने और नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम (NCAP) के लक्ष्यों को हासिल करने के लिए बनाया गया है।