Delhi: दिल्ली सरकार ने ऊर्जा बचाने और संसाधनों की बचत के लिए ‘मेरा भारत, मेरा योगदान’ अभियान शुरू किया है। इसके तहत सरकारी कर्मचारियों के लिए हफ्ते में दो दिन घर से काम यानी Work From Home अनिवार्य कर दिया गय
Delhi: दिल्ली सरकार ने ऊर्जा बचाने और संसाधनों की बचत के लिए ‘मेरा भारत, मेरा योगदान’ अभियान शुरू किया है। इसके तहत सरकारी कर्मचारियों के लिए हफ्ते में दो दिन घर से काम यानी Work From Home अनिवार्य कर दिया गया है। यह नियम 15 मई 2026 से लागू होगा और अगले 90 दिनों तक चलेगा। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने निजी कंपनियों से भी अपने कर्मचारियों के लिए ऐसी व्यवस्था अपनाने का आग्रह किया है।
वर्क फ्रॉम होम और ऑफिस के नए नियम क्या हैं
दिल्ली सरकार ने साफ किया है कि सरकारी कर्मचारियों को हफ्ते में दो दिन घर से काम करना होगा। ऑफिस जाने वाले कर्मचारियों के लिए समय में भी बदलाव किया गया है। दिल्ली सरकार के दफ्तर अब सुबह 10:30 बजे से शाम 7 बजे तक खुलेंगे, जबकि MCD के ऑफिस सुबह 8:30 से शाम 5 बजे तक चलेंगे। हालांकि, अस्पताल, फायर ब्रिगेड, जेल और पब्लिक ट्रांसपोर्ट जैसी जरूरी सेवाओं को इस नियम से बाहर रखा गया है।
ईंधन और ऊर्जा बचाने के लिए सरकार ने क्या कदम उठाए
| क्षेत्र |
नया नियम/बदलाव |
| सरकारी वाहन |
ईंधन भत्ते में 20% की कटौती |
| नई खरीद |
6 महीने तक पेट्रोल, डीजल, CNG वाहन नहीं खरीदे जाएंगे |
| मीटिंग्स |
50% सरकारी बैठकें अब ऑनलाइन होंगी |
| विदेश यात्रा |
मंत्रियों और अधिकारियों की विदेश यात्रा पर 1 साल का बैन |
| AC सेटिंग |
ऑफिस में AC का तापमान 24-26°C रखना अनिवार्य |
| पब्लिक ट्रांसपोर्ट |
सोमवार को मंत्रियों और अधिकारियों के लिए ‘मेट्रो मंडे’ |
सरकार ने आम जनता से भी अपील की है कि वे हफ्ते में एक दिन अपनी मर्जी से ‘नो व्हीकल डे’ मनाएं। जो सरकारी कर्मचारी पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करेंगे, उनके परिवहन भत्ते में 10% की बढ़ोतरी की जाएगी। साथ ही, ‘मेक इन इंडिया’ को बढ़ावा देने के लिए 90 दिनों का जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा।
Frequently Asked Questions (FAQs)
दिल्ली में वर्क फ्रॉम होम का नियम कब से लागू हो रहा है
यह नियम 15 मई 2026 से लागू होगा और अगले 90 दिनों तक प्रभावी रहेगा। यह ‘मेरा भारत, मेरा योगदान’ अभियान का हिस्सा है।
क्या निजी कंपनियों के लिए भी घर से काम करना अनिवार्य है
नहीं, निजी कंपनियों के लिए यह अनिवार्य नहीं है, लेकिन मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने उनसे ऐसा करने का आग्रह किया है। श्रम विभाग निजी क्षेत्र में इसके कार्यान्वयन की निगरानी करेगा।