Delhi में प्रदूषण से लड़ने के लिए सरकार ने तैयार किया विंटर प्लान, 1 नवंबर से बदल जाएंगे कई नियम

Delhi: राजधानी दिल्ली में सर्दियों के दौरान बढ़ने वाले प्रदूषण को रोकने के लिए सरकार ने पहले ही कमर कस ली है। दिल्ली सरकार ने शुक्रवार, 19 जून 2026 को ‘प्रोएक्टिव विंटर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट फ्रेमवर्क’ को अध

Delhi: राजधानी दिल्ली में सर्दियों के दौरान बढ़ने वाले प्रदूषण को रोकने के लिए सरकार ने पहले ही कमर कस ली है। दिल्ली सरकार ने शुक्रवार, 19 जून 2026 को ‘प्रोएक्टिव विंटर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट फ्रेमवर्क’ को अधिसूचित किया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि इस योजना को समय से पहले लागू करने का मकसद यह है कि आम जनता, उद्योगों और सरकारी विभागों को तैयारी के लिए पूरा समय मिल सके।

यह पूरा फ्रेमवर्क पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 के तहत बनाया गया है। यह हर साल 1 नवंबर से 28 फरवरी तक लागू रहेगा और साथ ही CAQM के ग्रैडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के साथ मिलकर काम करेगा। सरकार का लक्ष्य अब आपातकालीन कदमों के बजाय पहले से प्लानिंग करके प्रदूषण को कम करना है।

नियम/प्रतिबंध तारीख और विवरण
ईंधन की खरीद 1 नवंबर से केवल वैध PUCC सर्टिफिकेट वाले वाहनों को ही पेट्रोल पंप से तेल मिलेगा।
बाहरी गाड़ियां 1 नवंबर से 31 जनवरी तक गैर-BS-VI कमर्शियल गाड़ियों की दिल्ली में एंट्री बंद रहेगी (CNG, इलेक्ट्रिक और इमरजेंसी गाड़ियां छूट प्राप्त होंगी)।
पार्किंग फीस 1 नवंबर से 28 फरवरी तक सभी अधिकृत पार्किंग में फीस दोगुनी कर दी जाएगी ताकि लोग निजी गाड़ियां कम निकालें।
ऑफिस टाइमिंग सरकारी और प्राइवेट ऑफिस में फिजिकल अटेंडेंस 50% तक सीमित हो सकती है और वर्क फ्रॉम होम को बढ़ावा दिया जाएगा।
कंस्ट्रक्शन काम 1 नवंबर से 31 जनवरी तक धूल नियंत्रण के कड़े नियम रहेंगे। 10 दिसंबर से 20 जनवरी के बीच और ज्यादा पाबंदियां लग सकती हैं।
स्मॉग गन बड़ी निर्माण साइटों और ऊंची इमारतों पर एंटी-स्मॉग गन और मिस्ट सिस्टम लगाना अनिवार्य होगा।
कचरा जलाना कूड़ा जलाने पर ड्रोन और फील्ड मॉनिटरिंग के जरिए कड़ी नजर रखी जाएगी और उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई होगी।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने RWAs और संस्थानों से अपील की है कि वे सुरक्षाकर्मियों के लिए हीटिंग के वैकल्पिक इंतजाम करें ताकि उन्हें ठंड से बचने के लिए खुले में आग न जलानी पड़े। उन्होंने साफ किया कि हवा की क्वालिटी सुधारने के लिए केवल सरकार ही नहीं, बल्कि आम नागरिकों और उद्योगों की भागीदारी भी जरूरी है।