Delhi: दिल्ली के किसानों के लिए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एक बहुत बड़ा ऐलान किया है। खराब मौसम की वजह से जिन किसानों का गेहूं खराब हो गया है, अब उन्हें अपनी फसल कम दाम में नहीं बेचनी पड़ेगी। सरकार ने गेहूं खरीद के नियमो
Delhi: दिल्ली के किसानों के लिए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एक बहुत बड़ा ऐलान किया है। खराब मौसम की वजह से जिन किसानों का गेहूं खराब हो गया है, अब उन्हें अपनी फसल कम दाम में नहीं बेचनी पड़ेगी। सरकार ने गेहूं खरीद के नियमों में ढील दे दी है, जिससे अब खराब गुणवत्ता वाला गेहूं भी सरकारी केंद्रों पर खरीदा जाएगा।
गेहूं खरीद के नियमों में क्या बदलाव हुए हैं?
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 29 अप्रैल 2026 को इन नियमों की घोषणा की। अब उन दानों को भी स्वीकार किया जाएगा जिनकी चमक 70% तक कम हो गई है। इसके अलावा, सिकुड़े और टूटे हुए दानों की सीमा को 6% से बढ़ाकर 15% कर दिया गया है। हालांकि, टूटे हुए दानों की कुल मात्रा 6% से ज्यादा नहीं होनी चाहिए।
किसानों को कितना पैसा मिलेगा और कहां बेच सकते हैं?
गुणवत्ता में कमी होने के बावजूद किसानों को ₹2,585 प्रति क्विंटल का पूरा न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) दिया जाएगा। दिल्ली के किसान अपनी फसल नरेला और नजबगढ़ मंडियों में बेच सकते हैं, जहां 24 अप्रैल 2026 से खरीद प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इस फैसले से दिल्ली के करीब 21,000 किसानों को सीधा फायदा पहुंचने की उम्मीद है।
खरीदे गए खराब गेहूं का क्या होगा?
सरकार ने साफ किया है कि इस तरह के गेहूं को नियमित स्टॉक से अलग रखा जाएगा और इसकी अलग से गिनती होगी। इस स्टॉक का इस्तेमाल केवल दिल्ली की स्थानीय जरूरतों को पूरा करने के लिए किया जाएगा और इसे लंबे समय तक स्टोर नहीं किया जाएगा। भंडारण के दौरान अगर क्वालिटी और गिरती है, तो उसकी पूरी जिम्मेदारी दिल्ली सरकार की होगी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
खराब गेहूं के लिए सरकार क्या दाम देगी?
खराब गुणवत्ता वाले गेहूं के लिए भी सरकार किसानों को ₹2,585 प्रति क्विंटल का पूरा MSP देगी।
दिल्ली में गेहूं कहां बेचा जा सकता है?
दिल्ली के किसान अपनी फसल नरेला और नजबगढ़ मंडियों में बेच सकते हैं।