Delhi: दिल्ली सरकार ने पानी और सीवर इंफ्रास्ट्रक्चर चार्ज (IFC) की पॉलिसी को सरल और पारदर्शी बना दिया है। शुक्रवार, 22 मई 2026 को मंजूर हुई इस नई पॉलिसी के तहत अब लोगों को पुराने जटिल एरिया-आधारित कैलकुलेशन के बजाय असल प
Delhi: दिल्ली सरकार ने पानी और सीवर इंफ्रास्ट्रक्चर चार्ज (IFC) की पॉलिसी को सरल और पारदर्शी बना दिया है। शुक्रवार, 22 मई 2026 को मंजूर हुई इस नई पॉलिसी के तहत अब लोगों को पुराने जटिल एरिया-आधारित कैलकुलेशन के बजाय असल पानी की डिमांड के हिसाब से चार्ज देना होगा। मुख्यमंत्री Rekha Gupta ने इसे आम जनता के लिए राहत देने वाला कदम बताया है।
किसे कितनी मिलेगी छूट और क्या हैं नए नियम
नई पॉलिसी में अलग-अलग कैटेगरी की कॉलोनियों और संस्थानों के लिए भारी छूट दी गई है। 200 वर्ग मीटर से ज्यादा प्लॉट एरिया वाली प्रॉपर्टीज पर यह नियम लागू होंगे। अनधिकृत कॉलोनियों में रजिस्टर्ड आर्किटेक्ट द्वारा मंजूर किए गए बिल्डिंग प्लान को अब मान्यता दी जाएगी।
| कैटेगरी/संस्थान |
छूट (Concession) |
| E और F कैटेगरी कॉलोनी |
50% तक |
| G और H कैटेगरी कॉलोनी |
70% तक |
| धार्मिक और चैरिटेबल संस्थाएं |
50% अतिरिक्त |
| ZLD और STP वाले कमर्शियल प्रॉपर्टी |
50% (सीवर IFC पर) |
चार्ज की गणना और पेनल्टी के प्रावधान
अब इंफ्रास्ट्रक्चर चार्ज केवल नए निर्माण या अतिरिक्त कंस्ट्रक्शन पर ही लगेगा। अगर किसी प्रॉपर्टी का पुनर्विकास (Redevelopment) हो रहा है और पानी की डिमांड नहीं बढ़ी है, तो कोई अतिरिक्त चार्ज नहीं देना होगा। साथ ही, नॉन-फ्लोर एरिया रेशियो (Non-FAR) और खुले इलाकों को गणना से बाहर रखा गया है।
सरकार ने नियमों को सख्त भी रखा है। अगर किसी जगह पर सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) चालू नहीं पाया गया, तो मिली हुई छूट की राशि पर 0.05 प्रतिशत प्रतिदिन की दर से पेनल्टी लगाई जाएगी। जल मंत्री Parvesh Sahib Singh ने बताया कि इस बदलाव से भ्रष्टाचार कम होगा और दिल्ली के परिवारों को आर्थिक राहत मिलेगी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
नई पॉलिसी में चार्ज का हिसाब कैसे होगा
अब चार्ज एरिया के आधार पर नहीं बल्कि पानी की असल डिमांड (Actual Water Demand) के आधार पर तय किए जाएंगे, जिससे गणना सरल और पारदर्शी होगी।
क्या पुराने मकानों के पुनर्विकास पर चार्ज लगेगा
नहीं, अगर रिडेवलपमेंट प्रोजेक्ट में पानी की डिमांड पहले जैसी ही रहती है, तो किसी भी अतिरिक्त इंफ्रास्ट्रक्चर चार्ज से छूट मिलेगी।