Delhi: राजधानी दिल्ली के सरकारी शिक्षण संस्थानों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। अब यहां के छात्र सिर्फ किताबी ज्ञान नहीं ले रहे, बल्कि खुद AI की मदद से वेबसाइट और स्कैनर जैसे डिजिटल टूल्स
Delhi: राजधानी दिल्ली के सरकारी शिक्षण संस्थानों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। अब यहां के छात्र सिर्फ किताबी ज्ञान नहीं ले रहे, बल्कि खुद AI की मदद से वेबसाइट और स्कैनर जैसे डिजिटल टूल्स तैयार कर रहे हैं। सरकार और यूनिवर्सिटीज मिलकर छात्रों को भविष्य की तकनीक के लिए तैयार कर रही हैं।
AI सीखने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं
दिल्ली सरकार ने छात्रों को AI की ट्रेनिंग देने के लिए ‘Delhi AI Grind’ प्रोग्राम शुरू किया है। इसका लक्ष्य 1,000 से ज्यादा स्कूलों और कॉलेजों के करीब 5 लाख छात्रों तक पहुंचना है। इसके तहत 5,000 शिक्षकों को AI मेंटॉर बनाया जाएगा ताकि वे छात्रों को सही दिशा दिखा सकें। साथ ही, दिल्ली यूनिवर्सिटी ने Google Cloud के साथ हाथ मिलाया है जिससे छात्रों को क्लाउड कंप्यूटिंग और डेटा एनालिटिक्स जैसी नई चीजें सीखने को मिल रही हैं।
AI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस से क्या होगा फायदा
दिल्ली सरकार दो AI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाने जा रही है। इन सेंटर्स को Netaji Subhas University of Technology और Guru Gobind Singh Indraprastha University के सहयोग से चलाया जाएगा। इससे लगभग 100 स्टार्टअप्स को मदद मिलेगी और 7,000 से ज्यादा लोगों को ट्रेनिंग दी जाएगी। सरकार का मानना है कि इससे शहर में 1,000 से ज्यादा नई नौकरियां पैदा होंगी।
AI को लेकर क्या हैं चुनौतियां और चिंताएं
जहां एक तरफ तकनीक बढ़ रही है, वहीं कुछ चिंताएं भी सामने आई हैं। दिल्ली हाई कोर्ट ने फर्जी AI संस्थानों के बढ़ते चलन पर चिंता जताई है और सरकार से इस पर सख्त कार्रवाई मांगी है। वहीं, कुछ छात्रों ने नौकरियों के कम होने का डर जताया है। हाल ही में एक कार्यक्रम के दौरान छात्रों ने कहा कि AI केवल पुरानी जानकारी को दोहरा सकता है, लेकिन वह इंसानों की तरह नए विचार पैदा नहीं कर सकता।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Delhi AI Grind प्रोग्राम क्या है
यह दिल्ली सरकार के शिक्षा विभाग का एक प्रोग्राम है जिसका मकसद 5 लाख से ज्यादा छात्रों को AI की ट्रेनिंग देना है। इसके जरिए 1,000 छात्र-led प्रोटोटाइप तैयार किए जाएंगे।
AI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के लिए कितना बजट तय हुआ है
दिल्ली सरकार द्वारा बनाए जाने वाले प्रत्येक AI सेंटर को 20 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता दी जाएगी।