Delhi: राजधानी में पानी की किल्लत को दूर करने के लिए दिल्ली सरकार एक बड़ा प्लान बना रही है। अब शहर में सीवर के ट्रीटेड पानी का इस्तेमाल निर्माण कार्यों और पार्कों की सिंचाई जैसे गैर-पीने वाले कामों में किया जाएगा। इस कदम
Delhi: राजधानी में पानी की किल्लत को दूर करने के लिए दिल्ली सरकार एक बड़ा प्लान बना रही है। अब शहर में सीवर के ट्रीटेड पानी का इस्तेमाल निर्माण कार्यों और पार्कों की सिंचाई जैसे गैर-पीने वाले कामों में किया जाएगा। इस कदम से भूजल स्तर को बचाने में मदद मिलेगी और पीने के पानी की बचत होगी।
क्या है नई STP Water Policy और इसका फायदा
दिल्ली के लोक निर्माण और जल मंत्री परवेश साहिब सिंह ने बताया कि Delhi Jal Board (DJB) एक नई पॉलिसी तैयार कर रहा है। इसके तहत Sewage Treatment Plants (STPs) से निकलने वाले साफ पानी को उन कामों में लगाया जाएगा जहां पीने के पानी की जरूरत नहीं है। शुरुआत में यह नियम सरकारी निर्माण प्रोजेक्ट्स पर लागू होगा, बाद में इसे प्राइवेट कंपनियों के लिए भी किफायती दरों पर उपलब्ध कराया जा सकता है। निर्माण कार्यों में पानी की क्वालिटी Bureau of Indian Standards के नियमों के हिसाब से होगी।
कौन-कौन सी एजेंसियां इस काम में जुटी हैं
इस पूरे प्रोजेक्ट को सफल बनाने के लिए कई विभाग मिलकर काम कर रहे हैं। Delhi Jal Board पॉलिसी बनाने और STPs चलाने का काम देख रहा है, जबकि DDA शहर के पार्कों की सिंचाई के लिए एक विस्तृत नेटवर्क तैयार कर रहा है। NDMC ने भी पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत 8 छोटे STPs बनाने का प्रस्ताव निकाला है। इसके अलावा CPWD और MCD पहले से ही गैर-पीने वाले कामों के लिए ट्रीटेड पानी का उपयोग कर रहे हैं।
पानी की क्षमता और मौजूदा चुनौतियां
दिल्ली इकोनॉमिक सर्वे 2025-26 के मुताबिक, शहर की STP क्षमता 2025 में 794.26 MGD थी, जिसे दिसंबर 2026 तक 964.5 MGD करने का लक्ष्य है। सरकार का बड़ा लक्ष्य कुल क्षमता को 1,500 MGD तक ले जाना है। हालांकि, एक बड़ी चुनौती यह है कि वर्तमान में 530 MGD ट्रीटेड पानी पैदा होता है, लेकिन उसका केवल 105 MGD ही इस्तेमाल हो पा रहा है। साथ ही, कुछ नालों में ट्रीटेड पानी के साथ बिना ट्रीट किया हुआ सीवर पानी मिलने से भी समस्या आ रही है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
ट्रीटेड सीवर पानी का इस्तेमाल कहां-कहां होगा?
इस पानी का इस्तेमाल मुख्य रूप से निर्माण कार्यों (Construction), पार्कों की सिंचाई और अन्य गैर-पीने वाले कामों में किया जाएगा।
STP क्षमता को बढ़ाने का क्या लक्ष्य है?
दिल्ली सरकार का लक्ष्य कुल सीवेज ट्रीटमेंट क्षमता को बढ़ाकर 1,500 MGD तक ले जाना है, ताकि यमुना में प्रदूषण कम हो और पानी का पुन: उपयोग बढ़े।