Delhi: दिल्ली के निजी स्कूलों में मनमानी चलाने वाले संचालकों की अब खैर नहीं है। दिल्ली सरकार ने साफ कर दिया है कि अगर कोई स्कूल नियमों का उल्लंघन करता मिला, तो सरकार उस स्कूल को अपने कब्जे में ले लेगी। यह फैसला स्कूलों क
Delhi: दिल्ली के निजी स्कूलों में मनमानी चलाने वाले संचालकों की अब खैर नहीं है। दिल्ली सरकार ने साफ कर दिया है कि अगर कोई स्कूल नियमों का उल्लंघन करता मिला, तो सरकार उस स्कूल को अपने कब्जे में ले लेगी। यह फैसला स्कूलों के संचालन में मिल रही बड़ी अनियमितताओं और शिकायतों के बाद लिया गया है।
क्यों सरकार लेगी स्कूलों का कंट्रोल?
दिल्ली सरकार का राजस्व और शिक्षा विभाग कई निजी स्कूलों की जांच कर रहा है। हाल ही में रोहिणी सेक्टर-13 के वेंकटेश्वर ग्लोबल स्कूल में औचक निरीक्षण हुआ, जहां भारी गड़बड़ियां मिलीं। स्कूल बिना फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट के चल रहा था और बिना लाइसेंस वाला स्विमिंग पूल भी मिला, जिसे तुरंत सील कर दिया गया। साथ ही, बेसमेंट में क्लासरूम चलाना नियमों के खिलाफ पाया गया, जिसके बाद अब सरकार अन्य स्कूलों की भी जांच कर उन्हें टेकओवर करने की तैयारी में है।
फीस और किताबों को लेकर क्या हैं नए नियम?
सरकार ने ‘दिल्ली स्कूल शिक्षा अधिनियम 2025’ के तहत फीस के व्यावसायीकरण को रोकने के लिए कड़े नियम बनाए हैं। 1 अप्रैल 2026 से कोई भी निजी स्कूल बिना मंजूरी के अनियमित फीस नहीं ले पाएगा। इसके अलावा, शिक्षा निदेशालय (DoE) ने स्कूलों को किसी खास दुकान से किताब और यूनिफॉर्म खरीदने के लिए मजबूर करने पर रोक लगा दी है। अब स्कूलों को कम से कम पांच अलग-अलग दुकानों की लिस्ट देनी होगी ताकि अभिभावक अपनी पसंद से सामान खरीद सकें।
उल्लंघन करने वाले स्कूलों पर क्या होगी कार्रवाई?
गंभीर अनियमितताएं पाए जाने पर स्कूलों का सरकारी अधिग्रहण किया जा सकता है। इसके अलावा DDA द्वारा जमीन का पट्टा रद्द करने की प्रक्रिया शुरू हो सकती है। वित्तीय गड़बड़ियों और मनी लॉन्ड्रिंग की आशंका होने पर विशेष ऑडिट भी कराया जाएगा। अभिभावकों की मदद के लिए एक हेल्पलाइन और नोडल अधिकारी की नियुक्ति भी की गई है, जहां वे अपनी शिकायतें दर्ज करा सकते हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
क्या दिल्ली सरकार निजी स्कूलों को टेकओवर कर सकती है?
हाँ, अगर निजी स्कूल नियमों का उल्लंघन करते हैं और उनमें गंभीर अनियमितताएं पाई जाती हैं, तो दिल्ली सरकार उन्हें टेकओवर कर सकती है।
किताबों और यूनिफॉर्म को लेकर क्या नया नियम आया है?
स्कूल अब अभिभावकों को किसी एक वेंडर से सामान खरीदने के लिए मजबूर नहीं कर सकते। उन्हें कम से कम पांच दुकानों का विवरण देना होगा।