Delhi: राजधानी दिल्ली को प्लास्टिक कचरे से बचाने के लिए सरकार एक नई योजना पर काम कर रही है। पर्यावरण मंत्री Manjinder Singh सिरसा ने विभाग को Deposit Return Scheme (DRS) मॉडल का अध्ययन करने को कहा है। इस पहल का मकसद शहर
Delhi: राजधानी दिल्ली को प्लास्टिक कचरे से बचाने के लिए सरकार एक नई योजना पर काम कर रही है। पर्यावरण मंत्री Manjinder Singh सिरसा ने विभाग को Deposit Return Scheme (DRS) मॉडल का अध्ययन करने को कहा है। इस पहल का मकसद शहर से नॉन-बायोडिग्रेडेबल कचरे को कम करना और वातावरण को साफ रखना है।
क्या है Deposit Return Scheme और यह कैसे काम करेगी?
यह एक प्रोत्साहन आधारित सिस्टम है। इसमें जब कोई ग्राहक प्लास्टिक की बोतल, कांच की बोतल या एल्युमिनियम के डिब्बे जैसी चीजें खरीदेगा, तो उसे एक छोटा सा अतिरिक्त पैसा जमा करना होगा। जब वह खाली बोतल या डिब्बा वापस तय किए गए कलेक्शन सेंटर पर जमा करेगा, तो उसे वह जमा राशि वापस मिल जाएगी। इससे लोग कचरा सड़क पर फेंकने के बजाय उसे वापस जमा करेंगे।
इस योजना से दिल्ली को क्या फायदा होगा?
मंत्री Manjinder Singh सिरसा के मुताबिक, इस स्कीम से कई समस्याओं का समाधान होगा। प्लास्टिक कचरे की वजह से नालियां बंद होना, जल स्रोतों का गंदा होना और मिट्टी की खराबी जैसी दिक्कतें कम होंगी। साथ ही, खुले में कचरा जलाने से होने वाले वायु प्रदूषण पर भी लगाम लगेगी। यह योजना ‘प्रदूषण फैलाने वाला भुगतान करेगा’ के सिद्धांत पर आधारित है।
किन राज्यों और देशों में सफल रही है यह स्कीम?
भारत में हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और गोवा जैसे राज्यों में यह मॉडल अपनाया गया है। वहीं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जर्मनी, नॉर्वे और स्वीडन समेत 40 से ज्यादा देशों में इसे लागू किया गया है, जहाँ 90% से ज्यादा कचरा वापस इकट्ठा करने में सफलता मिली है।
| मुख्य बिंदु |
विवरण |
| निर्देश जारी करने की तारीख |
14 अप्रैल, 2026 |
| समय सीमा |
एक महीने में विस्तृत प्रस्ताव देना होगा |
| मुख्य उद्देश्य |
प्लास्टिक और नॉन-बायोडिग्रेडेबल कचरे में कमी |
| शामिल वस्तुएं |
प्लास्टिक/कांच की बोतलें, एल्युमिनियम डिब्बे |
| संबंधित अधिकारी |
पर्यावरण मंत्री Manjinder Singh सिरसा |