Delhi: दिल्ली सरकार ने तकनीकी शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने गुरुवार, 16 अप्रैल 2026 को घोषणा की कि शहर के चार औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (ITI) में आधुनिक लैब बनाई जाएंगी।
Delhi: दिल्ली सरकार ने तकनीकी शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने गुरुवार, 16 अप्रैल 2026 को घोषणा की कि शहर के चार औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (ITI) में आधुनिक लैब बनाई जाएंगी। इसके लिए सरकार ने 2026-27 के बजट में ₹720 करोड़ आवंटित किए हैं, ताकि छात्रों को ऐसी ट्रेनिंग मिले जो आज की इंडस्ट्री की जरूरतों के हिसाब से हो।
किन ITI में क्या सुविधाएं मिलेंगी?
सरकार ने अलग-अलग संस्थानों के लिए खास लैब तय की हैं, जिससे छात्रों को अलग-अलग सेक्टर की जानकारी मिलेगी:
| ITI संस्थान |
नई लैब/सुविधा |
संभावित लाभ |
| ITI जहांगीरपुरी |
पावर इलेक्ट्रॉनिक्स लैब (सोलर और ऑटोमेशन) |
480 प्रशिक्षु |
| ITI जेल रोड (हरि नगर) |
उन्नत वेल्डिंग सिस्टम और प्लाज्मा कटिंग |
200 प्रशिक्षु |
| ITI अरब की सराय (निजामुद्दीन) |
ऑटोमोटिव VR सिमुलेटर (ड्राइविंग और पेंटिंग) |
208 प्रशिक्षु |
| HJB ITI (मयूर विहार) |
इलेक्ट्रिक वाहन (EV) लैब और बैटरी मैनेजमेंट |
184 प्रशिक्षु |
छात्रों को इससे क्या फायदा होगा?
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के अनुसार, इन आधुनिक लैब से छात्रों को किताबी ज्ञान के बजाय वास्तविक दुनिया का अनुभव मिलेगा। इससे युवाओं की तकनीकी दक्षता बढ़ेगी और उन्हें अच्छी नौकरी मिलने में आसानी होगी। यह पूरी पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘स्किल इंडिया’ विजन के हिसाब से तैयार की गई है, जिससे युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए रास्ते खुलेंगे।
ट्रेनिंग में कौन सी नई तकनीकें शामिल होंगी?
इन लैब्स में आधुनिक उपकरणों का इस्तेमाल किया जाएगा। जहांगीरपुरी में पीएलसी किट और स्मार्ट एनर्जी मॉनिटरिंग सिस्टम होंगे, जबकि निजामुद्दीन में एबीएस और एयरबैग जैसी एडवांस व्हीकल सिस्टम की ट्रेनिंग दी जाएगी। मयूर विहार की लैब में ईवी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और इलेक्ट्रिक मोटर टेक्नोलॉजी पर फोकस रहेगा, जिससे छात्र भविष्य की गाड़ियों की मरम्मत और निर्माण सीख सकेंगे।