Delhi: दिल्ली की सड़कों की हालत सुधारने और ट्रैफिक व प्रदूषण जैसी समस्याओं को खत्म करने के लिए सरकार एक नया वैज्ञानिक सिस्टम लाने जा रही है। मुख्यमंत्री Rekha Gupta ने सोमवार, 8 जून 2026 को बताया कि अब सड़कों के रखरखाव क
Delhi: दिल्ली की सड़कों की हालत सुधारने और ट्रैफिक व प्रदूषण जैसी समस्याओं को खत्म करने के लिए सरकार एक नया वैज्ञानिक सिस्टम लाने जा रही है। मुख्यमंत्री Rekha Gupta ने सोमवार, 8 जून 2026 को बताया कि अब सड़कों के रखरखाव के लिए पुराने तरीकों की जगह डेटा और साइंस का इस्तेमाल होगा। इस पहल से न केवल सड़कों की मरम्मत समय पर होगी, बल्कि शहर को हरा-भरा बनाने और जलभराव रोकने पर भी जोर दिया जाएगा।
नया सिस्टम कैसे काम करेगा और क्या होंगे फायदे
इस नए Road Asset Management System (RAMS) के तहत दिल्ली की सड़कों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा। इससे यह पता चलेगा कि किस सड़क को तुरंत मरम्मत की जरूरत है और किसे बाद में। PWD मंत्री Parvesh Sahib Singh ने कहा कि यह कदम राजधानी के बुनियादी ढांचे को आधुनिक और भविष्य के लिए तैयार करने के लिए जरूरी है। इस सिस्टम से सड़कों की नियमित जांच होगी जिससे गड्ढों और टूट-फूट की समस्या कम होगी।
प्रदूषण और जलभराव को रोकने के लिए क्या तैयारी है
पर्यावरण मंत्री Manjinder Singh Sirsa के मुताबिक, धूल कम करने के लिए सड़कों के किनारे स्थानीय प्रजातियों के पेड़ लगाए जाएंगे। जलभराव की समस्या को दूर करने के लिए सड़कों के ढलान (slopes) को ठीक किया जाएगा और ड्रेनेज सिस्टम को नए सिरे से डिजाइन किया जाएगा। इसके लिए सरकार ने CSIR-CRRI और School of Planning and Architecture (SPA) के साथ समझौता किया है, जो इंजीनियरिंग और शहरी डिजाइन में तकनीकी मदद देंगे।
कितने राज्यों और कितनी सड़कों पर होगा असर
यह प्रोजेक्ट केवल दिल्ली तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसका असर NCR के अन्य राज्यों पर भी होगा। दिल्ली की लगभग 10,099 किलोमीटर सड़कों के साथ-साथ हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान की मुख्य सड़कों को भी इसमें शामिल किया जाएगा। इस पूरे काम को अगले तीन साल के भीतर अलग-अलग चरणों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए पहले ही CAQM और अन्य संस्थानों के बीच MoU साइन किए जा चुके हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Road Asset Management System से आम जनता को क्या फायदा होगा
इससे सड़कों की मरम्मत वैज्ञानिक तरीके से होगी जिससे गड्ढे कम होंगे, ट्रैफिक जाम में कमी आएगी और बेहतर ड्रेनेज सिस्टम की वजह से बारिश में सड़कों पर पानी नहीं भरेगा।
इस प्रोजेक्ट में कौन-कौन से संस्थान मदद कर रहे हैं
इस प्रोजेक्ट में CSIR-CRRI तकनीकी सहायता और रोड इंजीनियरिंग देखेगा, जबकि School of Planning and Architecture (SPA) शहरी डिजाइन और ग्रीन इंफ्रास्ट्रक्चर पर मार्गदर्शन देगा।