Delhi की सड़कों से खत्म होगा अंधेरा, 96000 स्ट्रीट लाइट्स होंगी स्मार्ट, कंट्रोल रूम से होगी निगरानी
Delhi: दिल्ली की सड़कों पर अब रात के समय अंधेरे वाले इलाके नहीं रहेंगे। दिल्ली सरकार शहर की लगभग 93,000 से 96,000 स्ट्रीट लाइटों को स्मार्ट LED सिस्टम में बदलने जा रही है। इस पूरे प्रोजेक्ट पर करीब 473 करोड़ रुपये खर्च ह
Delhi: दिल्ली की सड़कों पर अब रात के समय अंधेरे वाले इलाके नहीं रहेंगे। दिल्ली सरकार शहर की लगभग 93,000 से 96,000 स्ट्रीट लाइटों को स्मार्ट LED सिस्टम में बदलने जा रही है। इस पूरे प्रोजेक्ट पर करीब 473 करोड़ रुपये खर्च होंगे, जिससे शहर के फ्लाईओवर और अंडरपास समेत हर कोना रोशन होगा।
इस योजना का मुख्य मकसद दिल्ली की सड़कों को ‘डार्क स्पॉट’ मुक्त बनाना है। इससे रात के समय महिलाओं की सुरक्षा बढ़ेगी और सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी। PWD मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने बताया कि यह काम एक खास EMI मॉडल पर होगा। सरकार ने ठेकेदारों के लिए ‘नो परफॉर्मेंस, नो पेमेंट’ का नियम लागू किया है, यानी अगर लाइटें सही से काम नहीं करेंगी तो भुगतान नहीं किया जाएगा।
इन सभी स्मार्ट लाइट्स को PWD मुख्यालय में बनने वाले एक आधुनिक ‘सेंट्रलाइज्ड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर’ से जोड़ा जाएगा। इस कंट्रोल रूम की मदद से अधिकारी लाइव देख सकेंगे कि कौन सी लाइट बंद है या कहां तकनीकी खराबी आई है। साथ ही, बिजली बचाने के लिए इन लाइट्स की चमक को जरूरत के हिसाब से 90 प्रतिशत तक कम या ज्यादा किया जा सकेगा।
प्रोजेक्ट की खास बातें नीचे दी गई हैं:
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| कुल स्मार्ट लाइट्स | 93,000 से 96,000 |
| अनुमानित लागत | 473 करोड़ रुपये |
| अतिरिक्त पोल | 5,000 नए पोल लगाए जाएंगे |
| बिजली बचत | सालाना लगभग 25 करोड़ रुपये |
| पेमेंट मॉडल | नो परफॉर्मेंस, नो पेमेंट (EMI आधारित) |
| लक्ष्य समय | दिवाली तक पूरा करने का लक्ष्य |
इस सिस्टम के आने से पुरानी सोडियम लैंप और पुरानी LED लाइट्स बदल जाएंगी, जिन्हें ठीक करने में काफी समय लगता था और बिजली का बिल भी ज्यादा आता था। सरकार को उम्मीद है कि अगले पांच सालों में इस नई तकनीक से करीब 300 करोड़ रुपये की बचत होगी।