Delhi में यमुना किनारे बनेगी नई सुरक्षा दीवार, IIT-Delhi करेगा स्टडी, बाढ़ से मिलेगी राहत

Delhi: दिल्ली सरकार यमुना नदी के किनारे एक नई सुरक्षा दीवार बनाने की तैयारी कर रही है। यह दीवार करीब 4 किलोमीटर लंबे हिस्से में बनाई जाएगी ताकि शहर को बाढ़ के खतरे से बचाया जा सके। निर्माण शुरू करने से पहले IIT-Delhi से

Delhi: दिल्ली सरकार यमुना नदी के किनारे एक नई सुरक्षा दीवार बनाने की तैयारी कर रही है। यह दीवार करीब 4 किलोमीटर लंबे हिस्से में बनाई जाएगी ताकि शहर को बाढ़ के खतरे से बचाया जा सके। निर्माण शुरू करने से पहले IIT-Delhi से इस पूरे प्रोजेक्ट की विस्तृत स्टडी कराई जाएगी।

सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण मंत्री परवेश साहिब सिंह ने बताया कि IIT-Delhi की मदद से यह सर्वे होगा। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बजट में इस प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी है। शहर में पिछले कुछ सालों में आई भयानक बाढ़ को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, स्टडी पूरी होने के बाद अगले साल से दीवार का निर्माण काम शुरू होगा।

इस बीच, यमुना बाजार जैसे संवेदनशील इलाकों को बचाने के लिए पुरानी दीवार की मरम्मत का काम किया जाएगा। दिल्ली सरकार के Flood Control Order 2026 के तहत यमुना किनारे आठ ऐसे इलाकों की पहचान की गई है, जहां मानसून के दौरान लगातार निगरानी रखी जाएगी। इसके लिए शास्त्री नगर के LM Bund पर एक सेंट्रल फ्लड कंट्रोल रूम भी बनाया गया है, जो 15 जून से 15 अक्टूबर तक चालू रहेगा।

प्रस्तावित दीवार मजनू का टीला से पुराने रेलवे ब्रिज तक लगभग 4.72 किलोमीटर लंबी होगी। सरकार का लक्ष्य इसे अगले मानसून से पहले पूरा करना है। यह कदम 2023 और 2025 में आई भीषण बाढ़ के बाद उठाया गया है, जब यमुना बाजार के कई इलाकों में 8 से 10 फीट तक पानी भर गया था और लोगों को वहां से हटाना पड़ा था। अगस्त 2024 में Joint Flood Committee की रिपोर्ट में भी ऐसी दीवार बनाने को ही सबसे सही समाधान बताया गया था।

इस प्रोजेक्ट से मुख्य रूप से मजनू का टीला, सिविल लाइंस, यमुना बाजार (कश्मीरी गेट के पास) और पुराने रेलवे ब्रिज के आसपास रहने वाले लोगों को बाढ़ के डर से राहत मिलेगी।