Delhi: दिल्ली सरकार ने राजधानी में पेड़ों को अवैध तरीके से काटने और उन्हें नुकसान पहुँचाने वालों के खिलाफ कड़ा कदम उठाया है। इसके लिए एक नया मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) लागू किया गया है। अब अगर कोई पेड़ काटता है या उसे न
Delhi: दिल्ली सरकार ने राजधानी में पेड़ों को अवैध तरीके से काटने और उन्हें नुकसान पहुँचाने वालों के खिलाफ कड़ा कदम उठाया है। इसके लिए एक नया मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) लागू किया गया है। अब अगर कोई पेड़ काटता है या उसे नुकसान पहुँचाता है, तो आम लोग इसकी शिकायत सीधे सरकार से कर सकेंगे और तुरंत कार्रवाई होगी।
शिकायत कैसे करें और क्या है नया सिस्टम?
पेड़ों की कटाई रोकने के लिए सरकार ने एक मजबूत सिस्टम बनाया है। नागरिक अब टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1800118600 पर कॉल कर सकते हैं। इसके अलावा ऑनलाइन पोर्टल https://ghl.eforest.delhi.gov.in और ऑफलाइन माध्यमों से भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। यह ग्रीन हेल्पलाइन नंबर 1 फरवरी 2026 से फिर से चालू कर दिया गया है। शिकायत मिलते ही जानकारी तुरंत फील्ड अधिकारियों को भेजी जाएगी।
कौन करेगा कार्रवाई और क्या होंगे नियम?
इस पूरे काम की निगरानी के लिए मुख्यालय और मंडल स्तर पर 24 घंटे चलने वाले वन नियंत्रण कक्ष बनाए गए हैं। क्विक रिस्पांस टीमें (QRT) गठित की गई हैं जो शिकायत मिलने पर तय समय में मौके पर पहुँचेंगी और सबूत के तौर पर जियो-टैग फोटो और वीडियो लेंगी। वन विभाग के बीट ऑफिसर और ट्री ऑफिसर को यह अधिकार दिया गया है कि वे अवैध कटाई रोकने के लिए आदेश जारी करें और अपराध में इस्तेमाल सामान को जब्त करें।
सरकार का उद्देश्य और मुख्य बातें
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इसे दिल्ली की हरियाली बचाने के लिए एक बड़ा फैसला बताया है। यह SOP दिल्ली वृक्ष संरक्षण अधिनियम, 1994 की धारा 33 के तहत लाया गया है। इसका मुख्य लक्ष्य अवैध गतिविधियों को रोकना और दोषियों पर समयबद्ध तरीके से कानूनी कार्रवाई करना है।
| सुविधा/संस्था |
विवरण |
| हेल्पलाइन नंबर |
1800118600 |
| ऑनलाइन पोर्टल |
ghl.eforest.delhi.gov.in |
| निगरानी टीम |
Quick Response Teams (QRT) |
| मुख्य कानून |
दिल्ली वृक्ष संरक्षण अधिनियम, 1994 |
| कंट्रोल रूम |
24 घंटे सक्रिय (मुख्यालय और मंडल स्तर) |