Delhi की झुग्गी बस्तियों का बदलेगा चेहरा, सरकार खर्च करेगी 441 करोड़ रुपए; लाखों लोगों को मिलेगा पक्का घर

Delhi: दिल्ली की झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले लाखों लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी है। मुख्यमंत्री Rekha Gupta ने एलान किया है कि सरकार शहर की इन बस्तियों के विकास के लिए 441 करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च करेगी। इस पहल का मकसद

Delhi: दिल्ली की झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले लाखों लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी है। मुख्यमंत्री Rekha Gupta ने एलान किया है कि सरकार शहर की इन बस्तियों के विकास के लिए 441 करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च करेगी। इस पहल का मकसद झुग्गी बस्तियों में रहने वाले लोगों के जीवन स्तर को सुधारना और उन्हें बेहतर नागरिक सुविधाएं देना है।

इस पूरे काम की जिम्मेदारी Delhi Urban Shelter Improvement Board (DUSIB) को सौंपी गई है। सरकार कुल 1,510 विकास कार्यों पर 441.10 करोड़ रुपए खर्च करेगी। इसमें से 379.80 करोड़ रुपए साल 2025-26 के 1,253 प्रोजेक्ट्स के लिए और 61.30 करोड़ रुपए मौजूदा साल 2026-27 के 257 प्रोजेक्ट्स के लिए रखे गए हैं। मुख्यमंत्री ने साफ किया है कि DUSIB राजधानी के अलग-अलग हिस्सों में बुनियादी सुविधाओं के निर्माण और मरम्मत के काम में जुटा हुआ है।

पुनर्वास (Rehabilitation) को लेकर भी एक बड़ा फैसला लिया गया है। अब 1 जनवरी 2025 तक बसी सभी झुग्गी बस्तियों के लोग पुनर्वास लाभ के हकदार होंगे। पहले यह तारीख 2015 तक थी, जिसे अब बढ़ा दिया गया है। Union Home Minister Amit Shah के मार्गदर्शन में ‘Delhi Slum and JJ Cluster Rehabilitation and Relocation Policy, 2026’ तैयार की गई है, जिसे जल्द ही अधिसूचित किया जाएगा। इस पॉलिसी से करीब 4 से 5 लाख परिवारों यानी लगभग 20 लाख लोगों को फायदा मिलने की उम्मीद है।

विकास कार्य के मुख्य बिंदु विवरण
बजट और प्रोजेक्ट 441.10 करोड़ रुपए, कुल 1,510 कार्य
मुख्य सुविधाएं कम्युनिटी टॉयलेट, पीने का पानी, सीवरेज, सड़कें और स्ट्रीट लाइट
विशेष पहल सस्ती और पौष्टिक खाने के लिए ‘Atal Canteens’ की स्थापना
पात्रता तारीख 1 जनवरी 2025 तक बसी बस्तियां पात्र
प्रमुख इलाके नरेला, टाइमपुर, आदर्श नगर, जहांगीरपुरी, आजादपुर, बवाना, रोहिणी, सीमापुरी, त्रिलोकपुरी, शाहदरा, करावल नगर, संगम विहार, द्वारका और नजफगढ़

पुनर्वास के काम को PPP मॉडल के जरिए मिशन मोड में पूरा किया जाएगा। DDA और DUSIB अगले 45 दिनों के भीतर पांच झुग्गी बस्तियों के लिए टेंडर जारी करेंगे। इसके अलावा, दिल्ली सरकार हर महीने कम से कम पांच PPP आधारित पुनर्वास प्रोजेक्ट्स के टेंडर निकालेगी। इन नए इलाकों में स्कूलों, स्वास्थ्य केंद्रों, खेल के मैदानों और आंगनवाड़ी केंद्रों जैसी जरूरी सुविधाएं भी दी जाएंगी।