Delhi के 108 सरकारी स्कूल बने खतरनाक, टिन की छतों के नीचे पढ़ रहे बच्चे, अब गिराकर बनाए जाएंगे नए भवन

Delhi: राजधानी के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की सुरक्षा पर बड़ा खतरा मंडरा रहा है। दिल्ली सरकार ने स्ट्रक्चरल ऑडिट के बाद 108 सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूल भवनों को असुरक्षित और खतरनाक घोषित कर दिया है। कई स्क

Delhi: राजधानी के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की सुरक्षा पर बड़ा खतरा मंडरा रहा है। दिल्ली सरकार ने स्ट्रक्चरल ऑडिट के बाद 108 सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूल भवनों को असुरक्षित और खतरनाक घोषित कर दिया है। कई स्कूलों की हालत इतनी खराब है कि छतें टूट चुकी हैं और दीवारें दरक रही हैं, जिसके कारण क्लास टिन की छतों के भरोसे चल रही हैं।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के निर्देश पर शिक्षा विभाग और PWD ने इन इमारतों की जांच की थी। सरकार ने अब इन जर्जर इमारतों को गिराकर वहां भूकंपरोधी आधुनिक G+4 (चार मंजिला) स्कूल भवन बनाने का फैसला किया है। इसके साथ ही 27 खाली सरकारी जमीनों पर भी नए स्थायी स्कूल बनाने की योजना शुरू कर दी गई है।

काम को इस तरह प्लान किया गया है कि बच्चों की पढ़ाई में कोई रुकावट न आए। पहले चरण में 54 इमारतों पर काम शुरू होगा, जिनमें से 7 स्कूलों को गिराने की मंजूरी मिल चुकी है। इन स्कूलों में सीएम श्री स्कूल (छिल्ला गांव), GGSSS (जसोला गांव), सर्वोदय कन्या विद्यालय (कराला), गवर्नमेंट बॉयज सीनियर सेकेंडरी स्कूल (बापरोला), एसकेवी मटियाला, GGSSS (नेब सराय) और GGSSS (शिवाजी पार्क) शामिल हैं।

इमारतों को गिराने का काम ब्लॉक-दर-ब्लॉक या स्कूल की छुट्टी के बाद किया जाएगा। इस दौरान छात्रों को कुछ समय के लिए पास के दूसरे स्कूलों में भेजा जा सकता है। शिक्षा विभाग अब सभी स्कूलों की डिजिटल प्रोफाइलिंग करेगा, जिससे उनकी मजबूती और अग्नि सुरक्षा जैसे मानकों की सही जानकारी मिल सकेगी। ध्वस्तीकरण की पूरी प्रक्रिया उपराज्यपाल (LG) और अन्य वैधानिक अधिकारियों की मंजूरी के बाद ही पूरी की जाएगी।