Delhi: राजधानी के सरकारी स्कूलों में कक्षा 1 से 8 तक के करीब 10 लाख बच्चों को अब तक किताबें नहीं मिली हैं। इस लापरवाही को लेकर सोशल जुरिस्ट नाम की संस्था ने दिल्ली हाई कोर्ट में शिक्षा सचिव के खिलाफ अवमानना याचिका दायर क
Delhi: राजधानी के सरकारी स्कूलों में कक्षा 1 से 8 तक के करीब 10 लाख बच्चों को अब तक किताबें नहीं मिली हैं। इस लापरवाही को लेकर सोशल जुरिस्ट नाम की संस्था ने दिल्ली हाई कोर्ट में शिक्षा सचिव के खिलाफ अवमानना याचिका दायर की है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि कोर्ट के आदेशों को जानबूझकर अनदेखा किया गया है।
किताबों की सप्लाई में देरी से बच्चों पर क्या असर पड़ा
नया शैक्षणिक सत्र 1 अप्रैल 2026 से शुरू हो चुका है, लेकिन लाखों छात्र बिना किताबों के पढ़ाई कर रहे हैं। दिल्ली गवर्नमेंट स्कूल टीचर्स एसोसिएशन (GSTA) के महासचिव अजय वीर यादव ने बताया कि किताबों की कमी के कारण शिक्षकों को अभी फोटोकॉपी कराकर बच्चों को पढ़ाई की सामग्री देनी पड़ रही है। इससे बच्चों की बुनियादी पढ़ाई और तरक्की पर बुरा असर पड़ रहा है।
कोर्ट के आदेश और सरकार के वादे
हाई कोर्ट ने जुलाई 2024 में शिक्षा निदेशालय (DoE) को समय पर किताबें और बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने का आदेश दिया था। इससे पहले 8 अप्रैल 2024 को शिक्षा सचिव ने भरोसा दिलाया था कि बजट की कोई कमी नहीं होगी और सभी सामग्री समय पर मिलेगी। शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने भी कहा था कि टेंडर प्रक्रिया की वजह से थोड़ी देरी हुई है और 20 अप्रैल 2026 तक किताबें मिल जाएंगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
आगे क्या होगा और कब है सुनवाई
यह याचिका कोर्ट एक्ट 1971 की धारा 11 और 12 के तहत दाखिल की गई है। इस मामले की सुनवाई बुधवार, 29 अप्रैल 2026 को होने की उम्मीद है। स्कूलों में 9 मई से गर्मियों की छुट्टियां शुरू होने वाली हैं और स्कूल 1 जुलाई को दोबारा खुलेंगे, जिससे समय और भी कम बचा है। शिक्षा विभाग के सूत्रों का कहना है कि इस समस्या को जल्द सुलझाने की कोशिश की जा रही है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
कितने छात्रों को अब तक किताबें नहीं मिली हैं?
दिल्ली के सरकारी स्कूलों में कक्षा 1 से 8 तक पढ़ने वाले लगभग 10 लाख छात्रों को अब तक पाठ्यपुस्तकें नहीं मिली हैं।
किताबों की सप्लाई में देरी का मुख्य कारण क्या बताया गया?
शिक्षा मंत्री आशीष सूद के अनुसार, टेंडर की प्रक्रिया को किफायती बनाने की वजह से किताबों की सप्लाई में कुछ देरी हुई है।