Delhi: राजधानी के सरकारी स्कूलों में पढ़ाने वाले शिक्षकों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। CBSE Class 12 के नतीजों में गिरावट आने के बाद शिक्षा निदेशालय (DoE) ने कई सीनियर शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। प्रशासन का कहन
Delhi: राजधानी के सरकारी स्कूलों में पढ़ाने वाले शिक्षकों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। CBSE Class 12 के नतीजों में गिरावट आने के बाद शिक्षा निदेशालय (DoE) ने कई सीनियर शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। प्रशासन का कहना है कि कुछ विषयों में रिजल्ट उम्मीद से काफी कम रहा है, जिसके लिए अब शिक्षकों से जवाब मांगा जा रहा है।
रिजल्ट में कितनी गिरावट आई और क्या है वजह
साल 2026 में दिल्ली के सरकारी स्कूलों का ओवरऑल पास प्रतिशत गिरकर 91.97% रह गया है, जो पिछले साल 95.18% था। यह 2019 के बाद का सबसे कम रिजल्ट है। हालांकि, यह अभी भी नेशनल एवरेज 85.20% से ऊपर है। शिक्षा विभाग ने नोटिस में कहा है कि शिक्षकों ने पढ़ाई की सही प्लानिंग नहीं की और छात्रों की प्रोग्रेस पर निगरानी नहीं रखी, जिससे फेल होने वालों की संख्या बढ़ी है।
शिक्षकों का क्या है कहना और OSM सिस्टम पर आरोप
Government Schools Teachers’ Association (GSTA) ने इन नोटिसों का कड़ा विरोध किया है। शिक्षकों का कहना है कि रिजल्ट गिरने की असली वजह CBSE का नया On-Screen Marking (OSM) सिस्टम है। उनका दावा है कि इस सिस्टम की ठीक से टेस्टिंग नहीं हुई थी, जिससे कॉपी चेक करने वालों को धुंधली आंसर शीट और गायब पन्नों जैसी तकनीकी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। GSTA ने शिक्षा मंत्री Ashish Sood से इन नोटिसों को वापस लेने की मांग की है ताकि शिक्षकों का मानसिक तनाव कम हो सके।
शिक्षा मंत्री ने क्या निर्देश दिए
शिक्षा मंत्री Ashish Sood ने करीब 700 प्रिंसिपल्स के साथ मीटिंग की है। उन्होंने साफ कहा है कि भले ही पूरे देश के रिजल्ट गिरे हों, लेकिन दिल्ली के नतीजों पर इसका असर नहीं पड़ना चाहिए क्योंकि सरकार शिक्षा पर काफी ध्यान दे रही है। उन्होंने सभी प्रिंसिपल्स को निर्देश दिए हैं कि वे सीखने के स्तर को सुधारने के लिए हर तिमाही (Quarter) के हिसाब से एक्शन प्लान तैयार करें।
Frequently Asked Questions (FAQs)
दिल्ली के सरकारी स्कूलों का 12वीं का रिजल्ट कितना रहा?
साल 2026 में दिल्ली के सरकारी स्कूलों का पास प्रतिशत 91.97% रहा, जो पिछले साल के 95.18% के मुकाबले कम है।
शिक्षकों ने रिजल्ट गिरने के लिए किसे जिम्मेदार ठहराया है?
शिक्षकों ने CBSE द्वारा लागू किए गए On-Screen Marking (OSM) सिस्टम को जिम्मेदार बताया है, जिसमें तकनीकी खामियों के कारण मार्किंग सख्त हुई।