Delhi: दिल्ली सरकार ने ईंधन की बढ़ती कीमतों और खर्चों को कम करने के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री Rekha Gupta ने सरकारी वाहनों के इस्तेमाल को सीमित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने मंत्रियों और अधिकारियों से कह
Delhi: दिल्ली सरकार ने ईंधन की बढ़ती कीमतों और खर्चों को कम करने के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री Rekha Gupta ने सरकारी वाहनों के इस्तेमाल को सीमित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने मंत्रियों और अधिकारियों से कहा है कि वे केवल जरूरत पड़ने पर ही गाड़ियों का उपयोग करें और पब्लिक ट्रांसपोर्ट को प्राथमिकता दें।
सरकारी गाड़ियों के इस्तेमाल के लिए क्या हैं नए नियम?
मुख्यमंत्री Rekha Gupta ने मंगलवार, 12 मई 2026 को इस फैसले की घोषणा की। अब कैबिनेट मंत्रियों, BJP MLAs, सरकारी अधिकारियों और सभी विभागों को निर्देश दिया गया है कि वे वाहनों का उपयोग कम करें। सरकार ने जोर दिया है कि अधिकारी अब कारपूलिंग और सार्वजनिक परिवहन का ज्यादा इस्तेमाल करेंगे। यह कदम प्रधानमंत्री Narendra Modi की ऊर्जा संरक्षण की अपील के बाद उठाया गया है।
मंत्रियों ने कैसे शुरू किया नियमों का पालन?
सरकार के इस फैसले का असर दिखने लगा है। दिल्ली के मंत्री Kapil Mishra बुधवार, 13 मई 2026 को Delhi Metro से सफर करते नजर आए। उन्होंने बताया कि प्रशासन स्तर पर ईंधन बचाने के उपाय शुरू हो गए हैं। इसी तरह शिक्षा मंत्री Ashish Sood ने भी सरकारी काम के लिए मेट्रो का इस्तेमाल किया। मुख्यमंत्री ने आम जनता से भी अपील की है कि वे निजी गाड़ियों के बजाय बस और मेट्रो का उपयोग करें।
अन्य राज्यों और केंद्र सरकार में क्या स्थिति है?
ईंधन बचाने की यह मुहिम सिर्फ दिल्ली तक सीमित नहीं है। प्रधानमंत्री Narendra Modi ने खुद अपने काफिले की संख्या कम की है और इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah ने भी अपने काफिले में कटौती की है। दिल्ली के साथ-साथ उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों ने भी इसी तरह के कदम उठाने का ऐलान किया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
दिल्ली सरकार ने सरकारी गाड़ियों पर रोक क्यों लगाई?
बढ़ती ईंधन कीमतों और वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच लागत कम करने के लिए यह फैसला लिया गया है। यह कदम प्रधानमंत्री Narendra Modi की ऊर्जा संरक्षण की अपील के बाद उठाया गया है।
इस नियम का पालन कौन-कौन करेगा?
इसमें मुख्यमंत्री Rekha Gupta, कैबिनेट मंत्री, BJP MLAs, सरकारी अधिकारी और सभी सरकारी विभाग शामिल हैं। इन्हें कारपूलिंग और पब्लिक ट्रांसपोर्ट अपनाने के निर्देश दिए गए हैं।