Delhi: राजधानी में हर साल गर्मियों में होने वाली पानी की किल्लत को देखते हुए दिल्ली सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मानसून आने से पहले शहर में 1,500 रेनवाटर हार्वेस्टिंग प्रोजेक्ट्स लगाने की योजना बनाई गई है। सरकार का मानना
Delhi: राजधानी में हर साल गर्मियों में होने वाली पानी की किल्लत को देखते हुए दिल्ली सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मानसून आने से पहले शहर में 1,500 रेनवाटर हार्वेस्टिंग प्रोजेक्ट्स लगाने की योजना बनाई गई है। सरकार का मानना है कि इस पहल से हर साल करीब 733 मिलियन लीटर पानी जमीन के अंदर जा सकेगा, जिससे ग्राउंडवाटर लेवल बढ़ेगा।
क्या है सरकार का पूरा प्लान और डेडलाइन
जल मंत्री परवेश वर्मा की अध्यक्षता में 21 अप्रैल 2026 को एक हाई-लेवल मीटिंग हुई थी। इसमें तय किया गया कि 30 जून तक 500 नए स्ट्रक्चर बनाए जाएंगे और 1,000 पुराने बंद पड़े सिस्टम को फिर से चालू किया जाएगा। इस काम में दिल्ली सरकार और केंद्र सरकार के 60 से ज्यादा विभाग शामिल हैं। NDMC भी जल शक्ति अभियान के तहत मॉडुलर रेनवाटर हार्वेस्टिंग पिट्स लगाने का काम कर रही है।
नियमों का पालन न करने पर क्या होगा असर
अब दिल्ली में सरकारी इमारतों, पार्कों, रेजिडेंशियल कॉलोनियों और संस्थानों के लिए रेनवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। जिन लोगों के पास 500 स्क्वायर मीटर या उससे बड़ा प्लॉट है, उनके लिए यह नियम पहले से लागू था। अगर कोई इसका पालन नहीं करता है, तो दिल्ली जल बोर्ड (DJB) पानी के टैरिफ को 1.5 गुना तक बढ़ा सकता है। वहीं, सही सिस्टम लगाने वालों को सरकार 10% की छूट (rebate) भी दे रही है।
आम जनता के लिए क्या हैं जरूरी निर्देश
सभी प्रॉपर्टी मालिकों को हर साल अपने सिस्टम की कार्यक्षमता का सर्टिफिकेट देना होगा। जल शक्ति केंद्रों के जरिए लोगों को इसके बारे में जागरूक किया जाएगा। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने भी समय-समय पर दिल्ली सरकार को इन सिस्टम्स को चालू रखने के निर्देश दिए हैं ताकि बारिश के पानी को बर्बाद होने से बचाया जा सके और भविष्य के जल संकट से निपटा जा सके।
Frequently Asked Questions (FAQs)
रेनवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम न लगाने पर क्या जुर्माना है?
दिल्ली जल बोर्ड के नियमों के अनुसार, 500 स्क्वायर मीटर से बड़ी प्रॉपर्टी पर सिस्टम न होने पर पानी का टैरिफ 1.5 गुना तक बढ़ाया जा सकता है और मिलने वाली छूट वापस ली जा सकती है।
इस योजना से दिल्ली को कितना फायदा होगा?
अधिकारियों के मुताबिक, इस पूरे प्रोग्राम से सालाना लगभग 733 मिलियन लीटर पानी रिचार्ज होगा, जिससे गर्मियों में पानी की कमी कम होगी।