Delhi: दिल्ली सरकार शहर में प्रदूषण कम करने के लिए एक नई इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) पॉलिसी 2026-2030 लेकर आई है। इस ड्राफ्ट के मुताबिक, अप्रैल 2028 से नए पेट्रोल टू-व्हीलर और जनवरी 2027 से नए पेट्रोल थ्री-व्हीलर के रजिस्ट्रे
Delhi: दिल्ली सरकार शहर में प्रदूषण कम करने के लिए एक नई इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) पॉलिसी 2026-2030 लेकर आई है। इस ड्राफ्ट के मुताबिक, अप्रैल 2028 से नए पेट्रोल टू-व्हीलर और जनवरी 2027 से नए पेट्रोल थ्री-व्हीलर के रजिस्ट्रेशन पर पूरी तरह रोक लगाने का प्रस्ताव है। सरकार का मकसद क्लीन मोबिलिटी को बढ़ावा देना है, लेकिन ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री इस फैसले के खिलाफ खड़ी नजर आ रही है।
क्यों विरोध कर रही हैं ऑटो कंपनियां?
Society of Indian Automobile Manufacturers (SIAM) और अन्य कंपनियों का कहना है कि इस बैन से करीब 65% खरीदार प्रभावित होंगे, जिनमें से कई लोग अपनी रोजी-रोटी के लिए इन वाहनों पर निर्भर हैं। इंडस्ट्री का तर्क है कि भारत में अभी मास-मार्केट इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल उपलब्ध नहीं हैं और जो हैं वे बहुत महंगी हैं। साथ ही, बैटरी और जरूरी सामान के लिए भारत की चीन पर निर्भरता एक बड़ी चिंता का विषय है।
बैन लागू होने में क्या चुनौतियां आएंगी?
विशेषज्ञों और कंपनियों ने कई व्यावहारिक समस्याएं बताई हैं। उनका कहना है कि चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर अभी भी बहुत कम है और ई-मोटरसाइकिल के लिए चार्जिंग का खर्चा सही नहीं बैठता। इसके अलावा, यह डर भी जताया गया है कि लोग दिल्ली के पड़ोसी राज्यों से गाड़ियां रजिस्टर कराकर दिल्ली में चलाएंगे, जिसे रोकना मुश्किल होगा। अनिल छिकारा जैसे विशेषज्ञों का मानना है कि जबरदस्ती के बजाय EVs की खूबियों को बढ़ावा देकर लोगों को प्रेरित करना चाहिए।
पॉलिसी की मुख्य बातें और समय सीमा
ट्रांसपोर्ट मंत्री पंकज कुमार सिंह ने कहा कि इस पॉलिसी का लक्ष्य प्रदूषण घटाना और इलेक्ट्रिक गाड़ियों को सस्ता बनाना है। इस ड्राफ्ट पॉलिसी पर जनता और कंपनियों से सुझाव मांगे गए थे, जिसकी समय सीमा 8 मई 2026 तक थी। वर्तमान पॉलिसी को 30 जून तक बढ़ाया गया है। ट्रांसपोर्ट विभाग के अधिकारी अब OEMs और अन्य हितधारकों के साथ बैठकें कर रहे हैं ताकि फीडबैक पर चर्चा की जा सके।
Frequently Asked Questions (FAQs)
दिल्ली में पेट्रोल गाड़ियों पर बैन कब से लागू हो सकता है?
प्रस्ताव के अनुसार, नए पेट्रोल टू-व्हीलर्स के रजिस्ट्रेशन पर अप्रैल 2028 से और नए पेट्रोल थ्री-व्हीलर्स पर जनवरी 2027 से रोक लगाई जा सकती है।
ऑटो इंडस्ट्री इस फैसले का विरोध क्यों कर रही है?
इंडस्ट्री का कहना है कि इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिलें महंगी हैं, चार्जिंग स्टेशन कम हैं और बैटरी के लिए चीन पर निर्भरता ज्यादा है, जिससे आम खरीदारों को नुकसान होगा।