Delhi: दिल्ली सरकार शहर की बिजली व्यवस्था को पूरी तरह बदलने की तैयारी कर रही है। आने वाले समय में बिजली की मांग बहुत बढ़ने वाली है, जिसे देखते हुए ‘Delhi Power Master Plan 2030’ और ‘Mission 2030’
Delhi: दिल्ली सरकार शहर की बिजली व्यवस्था को पूरी तरह बदलने की तैयारी कर रही है। आने वाले समय में बिजली की मांग बहुत बढ़ने वाली है, जिसे देखते हुए ‘Delhi Power Master Plan 2030’ और ‘Mission 2030’ लाया गया है। इस पूरे प्रोजेक्ट पर करीब 17,000 करोड़ रुपये खर्च होंगे ताकि लोगों को बिना किसी रुकावट के अच्छी बिजली मिल सके।
बिजली नेटवर्क में क्या-क्या बदलाव होंगे
सरकार का लक्ष्य है कि हर साल एक उपभोक्ता को होने वाली बिजली कटौती को 3 से घटाकर 1 किया जाए। साथ ही, बिजली जाने पर जो औसत समय लगता था, उसे 2 घंटे से कम करके 1 घंटा किया जाएगा। इसके लिए सभी 70 निर्वाचन क्षेत्रों में वितरण नेटवर्क को मजबूत किया जाएगा और ट्रांसफार्मर खराब होने की समस्या को कम किया जाएगा।
प्रमुख प्रोजेक्ट्स और नई तकनीक
पुरानी दिल्ली के चांदनी चौक इलाके में 52.5 किलोमीटर लंबी बिजली की तारों को जमीन के नीचे (underground cabling) किया जाएगा, जिसमें 160 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसके अलावा, मंडोली में एक नया इंडोर ग्रिड बनाया जाएगा और दक्षिण व पश्चिम दिल्ली में बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) लगाए जाएंगे। BSES ने नेटवर्क की निगरानी के लिए ‘डिजिटल ट्विन’ तकनीक का इस्तेमाल भी शुरू कर दिया है।
बिजली की मांग और ग्रीन एनर्जी का लक्ष्य
20 मई 2026 को दिल्ली में बिजली की मांग 8,039 MW तक पहुंच गई, जो इस साल का सबसे ऊंचा स्तर है। अनुमान है कि 2030 तक यह मांग 11,000 MW से 13,114 MW तक जा सकती है। इसे संभालने के लिए सरकार 2027 तक 4,500 MW सोलर क्षमता विकसित करना चाहती है और 2030 तक कुल बिजली का 25% हिस्सा रिन्यूएबल एनर्जी से जुटाने का लक्ष्य रखा है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
मिशन 2030 का मुख्य उद्देश्य क्या है
इसका उद्देश्य अगले चार सालों में दिल्ली के लोगों को 24x7x365 दिन भरोसेमंद, सस्ती और सुरक्षित बिजली मुहैया कराना है।
चांदनी चौक में बिजली के तारों का क्या होगा
चांदनी चौक में करीब 52.5 किलोमीटर लंबी तारों को जमीन के नीचे किया जाएगा, जिस पर 160 करोड़ रुपये खर्च होंगे ताकि इलाका सुरक्षित और व्यवस्थित रहे।