Delhi : दिल्ली के लोगों को अब ट्रैफिक जाम से बड़ी राहत मिलने वाली है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की सरकार ने शहर को ट्रैफिक मुक्त बनाने के लिए एक बड़ा प्लान तैयार किया है। इसके तहत दिल्ली में 18 नए फ्लाईओवर, अंडरपास और एलिव
Delhi : दिल्ली के लोगों को अब ट्रैफिक जाम से बड़ी राहत मिलने वाली है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की सरकार ने शहर को ट्रैफिक मुक्त बनाने के लिए एक बड़ा प्लान तैयार किया है। इसके तहत दिल्ली में 18 नए फ्लाईओवर, अंडरपास और एलिवेटेड कॉरिडोर बनाए जाएंगे ताकि सड़कों पर गाड़ियों का दबाव कम हो सके और लोगों का समय बचे।
कहां-कहां बनेंगे नए फ्लाईओवर और कॉरिडोर
PWD मिनिस्टर परवेश साहिब सिंह ने बताया कि विभाग ने लगभग 156 किलोमीटर लंबी सड़कों और चौराहों का सर्वे किया है। जिन इलाकों में सबसे ज्यादा जाम लगता है, वहां नए निर्माण किए जाएंगे। मुख्य रूप से इन जगहों पर काम होगा:
| प्रस्तावित लोकेशन |
प्रोजेक्ट का प्रकार |
| NSG इंटरसेक्शन, शादीपुर डिपो, शिवाजी मार्ग |
फ्लाईओवर/एलिवेटेड कॉरिडोर |
| ननकसर गुरुद्वारा T-पॉइंट से दिल्ली-UP बॉर्डर |
एलिवेटेड कॉरिडोर |
| नजफगढ़-फिरनी रोड, जनकपुरी में पंखा रोड |
फ्लाईओवर |
| सागarpur से मायापुरी चौक, मुनक कैनाल |
फ्लाईओवर |
| केशोपुर डिपो से आउटर रिंग रोड, हैदरपुर |
एलिवेटेड कॉरिडोर |
| कनजहवाला चौक से मंगोलपुरी |
एलिवेटेड कॉरिडोर |
बजट और प्रोजेक्ट की खास बातें क्या हैं
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बजट सत्र में इस काम के लिए 500 करोड़ रुपये से ज्यादा का बजट रखा है। PWD ने 34 किलोमीटर लंबे ‘इंटीग्रेटेड ट्रांजिट कॉरिडोर प्रोजेक्ट’ के लिए टेंडर भी जारी कर दिए हैं। इस स्टडी के लिए 7.30 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं, जो अगले 4-5 महीनों में पूरी होगी। इसके अलावा रिंग रोड के 55 किलोमीटर हिस्से को सिग्नल-फ्री बनाने की तैयारी है ताकि गाड़ियां बिना रुके चल सकें।
आम जनता को इससे क्या फायदा होगा
सरकार का मकसद सिर्फ ट्रैफिक कम करना नहीं, बल्कि सड़कों पर होने वाले प्रदूषण को भी घटाना है। पंजाबी बाग और पीरागढ़ी चौक जैसे भीड़भाड़ वाले इलाकों में टनल बनाने की संभावना जांची जा रही है। साथ ही रेलवे क्रॉसिंग पर अंडरपास बनाए जाएंगे ताकि ट्रेन आने पर लगने वाले लंबे जाम से छुटकारा मिले। यह पूरा काम इंडियन रोड कांग्रेस (IRC) के ग्लोबल स्टैंडर्ड के हिसाब से किया जाएगा।