Delhi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पेट्रोल बचाने की अपील के बाद दिल्ली सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने पेट्रोल की खपत कम करने के लिए एक विशेष ‘ब्लू प्रिंट’ तैयार किया है, जिसे तीन मुख्य विभागों में लागू
Delhi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पेट्रोल बचाने की अपील के बाद दिल्ली सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने पेट्रोल की खपत कम करने के लिए एक विशेष ‘ब्लू प्रिंट’ तैयार किया है, जिसे तीन मुख्य विभागों में लागू कर दिया गया है। इस पहल का मकसद ईंधन की बचत करना और ऊर्जा सुरक्षा को बढ़ावा देना है, ताकि आम जनता और सरकारी तंत्र दोनों इसमें सहयोग करें।
क्या हैं सरकारी अधिकारियों के लिए नए नियम
दिल्ली सरकार के PWD, दिल्ली जल बोर्ड (DJB) और सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग में 11-सूत्रीय निर्देश जारी किए गए हैं। अब अधिकारी हफ्ते में एक दिन कार का इस्तेमाल नहीं करेंगे, जिसे ‘नो कार डे’ कहा जाएगा। इसके अलावा, अनावश्यक यात्राओं को रोकने के लिए वर्चुअल मीटिंग्स को प्राथमिकता दी गई है। अधिकारियों को फील्ड विजिट और ऑफिस आने-जाने के लिए कारपूलिंग अपनाने और इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल पर जोर दिया गया है।
नेताओं और विभागों ने कैसे की शुरुआत
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने खुद अपने काफिले की गाड़ियों की संख्या कम की है और इसे एक जन आंदोलन बनाने की अपील की है। परिवहन मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह और पर्यटन मंत्री कपिल मिश्रा अब बस और मेट्रो से यात्रा कर रहे हैं। दिल्ली पुलिस ने भी अपने मुख्यालय की मीटिंग्स ऑनलाइन कर दी हैं और गश्त के लिए इलेक्ट्रिक स्कूटर और ई-पॉड का उपयोग शुरू किया है। वहीं NDMC ने कुछ कर्मचारियों के लिए वर्क फ्रॉम होम लागू किया है।
ईंधन बचाने के लिए उठाए गए मुख्य कदम
| विभाग/संस्था |
मुख्य पहल |
| PWD, DJB, सिंचाई विभाग |
नो कार डे और 11-बिंदु निर्देश |
| दिल्ली पुलिस |
वर्चुअल मीटिंग और इलेक्ट्रिक स्कूटर गश्त |
| NDMC |
वर्क फ्रॉम होम और ई-शटल सेवा पर विचार |
| मुख्यमंत्री और मंत्री |
काफिला कम करना और पब्लिक ट्रांसपोर्ट का उपयोग |
| RWAs |
कारपूलिंग ग्रुप बनाना |
Frequently Asked Questions (FAQs)
दिल्ली सरकार के किन विभागों में पेट्रोल बचाने का नियम लागू हुआ है
यह नियम लोक निर्माण विभाग (PWD), दिल्ली जल बोर्ड (DJB) और सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग में लागू किया गया है।
अधिकारियों के लिए ‘नो कार डे’ का क्या मतलब है
इसका मतलब है कि सरकारी अधिकारी सप्ताह में एक दिन अपनी निजी या सरकारी कार का उपयोग नहीं करेंगे और अन्य विकल्पों को अपनाएंगे।