Delhi: दिल्ली सरकार राजधानी में माल ढुलाई और सप्लाई सिस्टम को सुधारने के लिए एक नई वेयरहाउसिंग और लॉजिस्टिक्स नीति लाने जा रही है। मुख्यमंत्री Rekha Gupta ने बताया कि इस नई पॉलिसी से शहर में ट्रैफिक का दबाव कम होगा और प्
Delhi: दिल्ली सरकार राजधानी में माल ढुलाई और सप्लाई सिस्टम को सुधारने के लिए एक नई वेयरहाउसिंग और लॉजिस्टिक्स नीति लाने जा रही है। मुख्यमंत्री Rekha Gupta ने बताया कि इस नई पॉलिसी से शहर में ट्रैफिक का दबाव कम होगा और प्रदूषण में भी गिरावट आएगी। इसका मुख्य मकसद दिल्ली को एक आधुनिक और पर्यावरण के अनुकूल लॉजिस्टिक्स हब बनाना है, जिससे निवेश बढ़ेगा और युवाओं को रोजगार के नए मौके मिलेंगे।
नई पॉलिसी से आम जनता और व्यापारियों को क्या फायदा होगा
इस योजना के तहत शहर के बाहरी इलाकों में बड़े स्टोरेज सेंटर (UCLDCs) बनाए जाएंगे, ताकि भारी सामान शहर के अंदर कम आए और जाम की समस्या हल हो। साथ ही, छोटे माइक्रो-फुलफिलमेंट सेंटर खोले जाएंगे जिससे ई-कॉमर्स और अन्य सामानों की होम डिलिवरी और तेज हो जाएगी। खराब होने वाले सामानों के लिए मंडियों के पास कोल्ड स्टोरेज बनाए जाएंगे, जिससे सप्लाई चेन मजबूत होगी और सामान की बर्बादी कम होगी।
निवेशकों के लिए क्या हैं खास सुविधाएं और नियम
सरकार ने इस सेक्टर में निवेश बढ़ाने के लिए कई बड़े ऐलान किए हैं। अब वेयरहाउसिंग और लॉजिस्टिक्स का काम 24 घंटे (24×7) चल सकेगा। मंजूरी की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए सिंगल-विंडो सिस्टम को मजबूत किया जा रहा है। साथ ही, पर्यावरण का ध्यान रखते हुए लास्ट-माइल डिलिवरी के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों और सोलर पावर वेयरहाउस को बढ़ावा दिया जाएगा।
| सुविधा/लाभ |
विवरण |
| कैपिटल सब्सिडी |
50% तक की सब्सिडी (अधिकतम ₹50 करोड़) |
| ट्रेनिंग इंसेंटिव |
प्रति कर्मचारी ₹5,000 तक की सहायता |
| तकनीक |
रियल-टाइम ट्रैकिंग के लिए ULIP प्लेटफॉर्म |
| मॉडल |
पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) को बढ़ावा |
| बिजली शुल्क |
बिजली चार्जेस पर विशेष छूट का प्रावधान |
Frequently Asked Questions (FAQs)
नई लॉजिस्टिक्स पॉलिसी से दिल्ली के ट्रैफिक पर क्या असर पड़ेगा?
शहर के बाहरी इलाकों में बड़े स्टोरेज सेंटर बनने से भारी ट्रकों का शहर के अंदर आना कम होगा, जिससे सड़कों पर जाम कम होगा और प्रदूषण घटेगा।
क्या इस पॉलिसी से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे?
हाँ, नए वेयरहाउस और लॉजिस्टिक्स हब बनने से निवेश बढ़ेगा और युवाओं के लिए रोजगार पैदा होंगे। सरकार कुशल वर्कफोर्स तैयार करने के लिए ₹5,000 प्रति कर्मचारी का ट्रेनिंग इंसेंटिव भी दे रही है।