Delhi: दिल्ली सरकार ने राजधानी में बस ट्रांसपोर्ट के साथ घर का एक बड़ा मल्टी-मॉडल प्लान तैयार किया है। सरकार की योजना है कि दिल्ली में बनने वाले तीन नए अंतर्राज्यीय बस टर्मिनलों (ISBT) के आसपास रिहायशी कॉलोनियां बसाई जाए
Delhi: दिल्ली सरकार ने राजधानी में बस ट्रांसपोर्ट के साथ घर का एक बड़ा मल्टी-मॉडल प्लान तैयार किया है। सरकार की योजना है कि दिल्ली में बनने वाले तीन नए अंतर्राज्यीय बस टर्मिनलों (ISBT) के आसपास रिहायशी कॉलोनियां बसाई जाएं। इसका मुख्य मकसद लोगों को बस स्टैंड के पास ही रहने की सुविधा देना है, जिससे उनके आने-जाने का खर्च और समय बचेगा। साथ ही, सड़कों पर गाड़ियों की संख्या कम होने से प्रदूषण घटाने में भी मदद मिलेगी। द्वारका, टिकरी और नरेला में प्रस्तावित ये नए बस अड्डे मेट्रो से भी जुड़े होंगे ताकि यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
कहाँ-कहाँ बनेंगे नए ISBT और क्या है सरकार का पूरा प्लान?
दिल्ली सरकार द्वारका, टिकरी बॉर्डर और नरेला में तीन नए बस टर्मिनल बनाने जा रही है। इन टर्मिनलों को मल्टी-मॉडल हब के रूप में विकसित किया जाएगा ताकि यात्री आसानी से मेट्रो और बसों का इस्तेमाल कर सकें। द्वारका सेक्टर 22 में 31.82 एकड़ जमीन पर एक आधुनिक हब बनाने की तैयारी है, जो आईजीआई एयरपोर्ट और बिजवासन रेलवे स्टेशन के नजदीक होगा। टिकरी बॉर्डर पर बनने वाला नया ISBT हरियाणा की तरफ से आने वाली गाड़ियों का भार कम करेगा, जिससे कश्मीरी गेट पर भीड़ कम होगी।
इन इलाकों का कैसे होगा कायाकल्प और क्या मिलेंगी सुविधाएं?
नए टर्मिनलों के अलावा सराय काले खां और आनंद विहार ISBT को भी आधुनिक बनाने की योजना है। इसे करीब ₹9362 करोड़ की लागत से विकसित किया जाएगा जहाँ यात्रियों को मेट्रो, ई-बस और अन्य परिवहन सुविधाएं एक ही छत के नीचे मिलेंगी। आवास योजना के तहत कुछ मुख्य जानकारी इस प्रकार है:
- द्वारका ISBT: यह 31.82 एकड़ में फैला आधुनिक मोबिलिटी हब होगा।
- टिकरी बॉर्डर: यह हरियाणा रूट के ट्रैफिक को संभालेगा और प्रदूषण कम करेगा।
- नरेला: उत्तरी दिल्ली के यात्रियों को इससे बड़ी राहत मिलेगी।
- आवासीय कॉलोनियां: टर्मिनलों के पास घर होने से लोगों का ट्रैवल टाइम बचेगा।
अनाधिकृत कॉलोनियों और झुग्गी निवासियों के लिए बड़ी राहत
परिवहन के साथ-साथ सरकार दिल्ली की 1,511 अनाधिकृत कॉलोनियों को नियमित करने की दिशा में भी काम कर रही है। इससे करीब 50 लाख लोगों को मालिकाना हक मिल पाएगा और इसके लिए 24 अप्रैल 2026 से स्वागम पोर्टल पर आवेदन शुरू होंगे। साथ ही केंद्र की नई ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (TOD) नीति के तहत मेट्रो और रेलवे स्टेशनों के 500 मीटर के दायरे में सस्ते घर बनाने का रास्ता भी साफ हो गया है। झुग्गीवासियों के लिए भी नई पुनर्वास नीति तैयार की जा रही है जिसमें शॉपिंग कॉम्प्लेक्स और ई-रिक्शा चार्जिंग पॉइंट जैसी सुविधाएं शामिल होंगी।