Delhi में ई-रिक्शा के लिए नई पॉलिसी की तैयारी, अब एक व्यक्ति के नाम होगा सिर्फ एक रिक्शा

Delhi: दिल्ली सरकार शहर में ई-रिक्शा के बढ़ते दबाव को कम करने और ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के लिए एक नई पॉलिसी लाने जा रही है। इस नई योजना का मुख्य मकसद सड़कों पर ई-रिक्शा की संख्या को सीमित करना और केवल असली ड्राइवरों को

Delhi: दिल्ली सरकार शहर में ई-रिक्शा के बढ़ते दबाव को कम करने और ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के लिए एक नई पॉलिसी लाने जा रही है। इस नई योजना का मुख्य मकसद सड़कों पर ई-रिक्शा की संख्या को सीमित करना और केवल असली ड्राइवरों को ही मालिकाना हक देना है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने परिवहन विभाग को इस पॉलिसी को जल्द से जल्द तैयार करने के निर्देश दिए हैं ताकि आम जनता और ड्राइवरों दोनों को सुविधा हो सके।

नई पॉलिसी के तहत दिल्ली में ई-रिक्शा की कुल संख्या को कैप किया जाएगा, जिसे लगभग 2.5 लाख तक सीमित रखने की योजना है। सरकार अब ‘एक व्यक्ति, एक ई-रिक्शा’ का नियम लागू करेगी, जिसका मतलब है कि रजिस्ट्रेशन केवल उसी व्यक्ति के नाम होगा जो खुद रिक्शा चलाएगा। इस कदम से उन लोगों पर लगाम लगेगी जो कई रिक्शा खरीदकर उन्हें किराए पर चलाते हैं, जिसे ड्राइवर ‘ई-रिक्शा माफिया’ कह रहे हैं।

पुरानी गाड़ियों को हटाने के लिए सरकार प्रोत्साहन राशि भी देगी। जनवरी 2015 से दिसंबर 2022 के बीच रजिस्टर्ड पैसेंजर ई-रिक्शा के लिए 5,000 रुपये और ग्रामीण सेवा वाहनों के लिए 15,000 रुपये की स्क्रैपेज राशि का प्रस्ताव है। इसके अलावा, रजिस्ट्रेशन, फिटनेस, इंश्योरेंस और बैटरी जैसे सभी कागजी कामों को एक डिजिटल सिस्टम से जोड़ा जाएगा ताकि पारदर्शिता बनी रहे।

मुख्य प्रावधान विवरण
कुल संख्या की सीमा लगभग 2.5 लाख ई-रिक्शा
रजिस्ट्रेशन नियम सिर्फ ओनर-ड्राइवर के नाम पर एक रिक्शा
पैसेंजर ई-रिक्शा प्रोत्साहन 5,000 रुपये (स्क्रैपेज स्कीम)
ग्रामीण सेवा प्रोत्साहन 15,000 रुपये (स्क्रैपेज स्कीम)
डिजिटल सिस्टम फिटनेस, इंश्योरेंस और रजिस्ट्रेशन एक जगह
रूट बदलाव प्रतिबंधित रूटों की समीक्षा और सुधार

परिवहन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मेट्रो स्टेशनों और मुख्य सड़कों पर ई-रिक्शा की अनियंत्रित भीड़ की वजह से जाम की समस्या बढ़ गई थी। हालांकि, ड्राइवरों की मिली-जुली प्रतिक्रिया आ रही है। कुछ लोग माफिया राज खत्म होने से खुश हैं, तो कुछ को डर है कि इस प्रक्रिया में भ्रष्टाचार हो सकता है। सरकार ने भरोसा दिलाया है कि पुराने रजिस्टर्ड ई-रिक्शा वालों को नए नियमों में ढलने के लिए पर्याप्त समय दिया जाएगा।