Delhi में मानसून से पहले सरकार अलर्ट, जलभराव हुआ तो नपेंगे अफसर, CM रेखा गुप्ता ने जारी किया बाढ़ नियंत्रण आदेश 2026
Delhi: दिल्ली में मानसून की दस्तक से पहले सरकार ने कमर कस ली है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अधिकारियों को सख्त चेतावनी दी है कि अगर शहर में जलभराव हुआ तो सीधे तौर पर अफसरों की जवाबदेही तय की जाएगी। इसके लिए सरकार ने R
Delhi: दिल्ली में मानसून की दस्तक से पहले सरकार ने कमर कस ली है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अधिकारियों को सख्त चेतावनी दी है कि अगर शहर में जलभराव हुआ तो सीधे तौर पर अफसरों की जवाबदेही तय की जाएगी। इसके लिए सरकार ने ‘बाढ़ नियंत्रण आदेश 2026’ जारी किया है ताकि बारिश के दौरान लोगों को परेशानी न हो।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 17 जून, 2026 को एक हाई-लेवल मीटिंग की। इस बैठक में मानसून और बाढ़ से निपटने के लिए अलग-अलग विभागों की तैयारियों की जांच की गई। सरकार ने साफ कर दिया है कि इस बार किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। दिल्ली के हर उस पॉइंट की पहचान की गई है जहां पानी भरता है और वहां अब एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाएगा। अगर उस इलाके में जलभराव होता है, तो वह अधिकारी सीधे तौर पर जिम्मेदार होगा।
तैयारियों के तहत 15 जून से केंद्रीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष को 24 घंटे के लिए सक्रिय कर दिया गया है। सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण विभाग ने PWD और MCD के साथ मिलकर नालों की सफाई का काम पूरा किया है। अब तक 77 नालों से 30 लाख मीट्रिक टन से ज्यादा गाद निकाली जा चुकी है। यमुना नदी के जलस्तर पर नजर रखने के लिए थ्री-टियर अलर्ट सिस्टम लगाया गया है और हथनीकुंड बैराज से आने वाले पानी की जानकारी के लिए डिजिटल सिस्टम का इस्तेमाल होगा।
| तैयारी का विवरण | अपडेट/संख्या |
|---|---|
| स्थायी पंप हाउस | संख्या बढ़ाकर 243 से अधिक की गई |
| बचाव नावों की संख्या | बढ़ाकर 41 की गई |
| नालों की सफाई | 77 नालों से 30 लाख मीट्रिक टन गाद हटाई गई |
| संवेदनशील इलाके | बुराड़ी, किराड़ी, मुंडका और रोहतक रोड पर विशेष नजर |
| कंट्रोल रूम | केंद्रीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष 24×7 सक्रिय |
| निगरानी सिस्टम | यमुना जलस्तर के लिए त्रि-स्तरीय अलर्ट योजना |
कैबिनेट मंत्री प्रवेश वर्मा ने बताया कि यह आदेश विभागों के बीच बेहतर तालमेल बनाने और जनता को सुविधा देने के लिए लाया गया है। सरकार का मकसद सिर्फ आपदा आने पर मदद करना नहीं, बल्कि पहले से तैयारी कर संकट को रोकना है। इसके लिए कैबिनेट मंत्रियों प्रवेश साहिब सिंह, आशीष सूद और मनजिंदर सिंह सिरसा के नेतृत्व में सेक्टर कमेटियां बनाई गई हैं, जिनमें जिला मजिस्ट्रेट भी शामिल रहेंगे।