Delhi: दिल्ली सरकार ने शहर में गिरते जलस्तर को सुधारने के लिए कड़ा रुख अपनाया है। जल मंत्री Parvesh Sahib Singh ने साफ कर दिया है कि सरकारी विभागों को खुद मिसाल पेश करनी होगी और मानसून से पहले रेनवाटर हार्वेस्टिंग (RWH)
Delhi: दिल्ली सरकार ने शहर में गिरते जलस्तर को सुधारने के लिए कड़ा रुख अपनाया है। जल मंत्री Parvesh Sahib Singh ने साफ कर दिया है कि सरकारी विभागों को खुद मिसाल पेश करनी होगी और मानसून से पहले रेनवाटर हार्वेस्टिंग (RWH) सिस्टम लगाना होगा। अगर समय पर काम नहीं हुआ तो संबंधित विभागों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और उनका पानी का कनेक्शन भी काटा जा सकता है।
सरकारी इमारतों और आम लोगों के लिए क्या हैं नए नियम?
दिल्ली सरकार ने 60 से ज्यादा सरकारी विभागों और संस्थानों को निर्देश दिए हैं कि वे जल्द से जल्द बारिश का पानी बचाने का सिस्टम लगाएं। इसके अलावा आम जनता के लिए भी नियम तय हैं:
- 100 स्क्वायर मीटर से बड़े सभी प्लॉट पर रेनवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाना जरूरी है।
- नए मकान बनाने के लिए NOC और नए पानी के कनेक्शन के लिए बिल्डिंग प्लान में RWH सिस्टम का होना अनिवार्य है।
- अगर सिस्टम सही से काम कर रहा है, तो पानी के बिल में 10% की छूट मिलेगी, लेकिन सिस्टम खराब मिलने पर यह छूट वापस ले ली जाएगी।
नियम तोड़ने पर कितना लगेगा जुर्माना?
DPCC और NGT के निर्देशों के बाद अब नियमों की अनदेखी करने वालों पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा। मई 2026 से इसकी सख्ती से जांच शुरू होगी। जुर्माने की पूरी लिस्ट नीचे दी गई है:
| प्लॉट का साइज/प्रकार |
जुर्माने की राशि |
| 100 से 500 वर्ग मीटर (रिहायशी) |
50,000 रुपये |
| 5,000 वर्ग मीटर से ज्यादा (रिहायशी) |
5 लाख रुपये |
| गैर-रिहायशी (Non-residential) इमारतें |
रिहायशी जुर्माने से 50% ज्यादा |
पानी बचाने की जरूरत क्यों पड़ी?
जल शक्ति मंत्री Raj Bhushan Choudhary के मुताबिक दिल्ली में जमीन के नीचे के पानी का करीब 71.88% हिस्सा घरेलू इस्तेमाल में जा रहा है। मुख्यमंत्री Rekha Gupta ने भी कहा है कि पानी बचाना अब समय की मांग है। वहीं RTI एक्टिविस्ट Mahesh Chandra Saxena ने चिंता जताई है कि कई जगहों पर ये सिस्टम सिर्फ दिखावे के लिए लगे हैं और असल में काम नहीं कर रहे हैं। अब Delhi Jal Board (DJB) इनकी निगरानी करेगा ताकि पानी वाकई जमीन के अंदर जा सके और गर्मियों में पानी की किल्लत कम हो।