Delhi: राजधानी अब तकनीक की दुनिया में एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। दिल्ली सरकार ने एक नई Semiconductor Policy लाने का फैसला किया है, जिससे दिल्ली चिप डिजाइन, रिसर्च और एडवांस मैन्युफैक्चरिंग का एक बड़ा केंद्र बनेगा। मुख्
Delhi: राजधानी अब तकनीक की दुनिया में एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। दिल्ली सरकार ने एक नई Semiconductor Policy लाने का फैसला किया है, जिससे दिल्ली चिप डिजाइन, रिसर्च और एडवांस मैन्युफैक्चरिंग का एक बड़ा केंद्र बनेगा। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस पहल के जरिए शहर में नए उद्योगों को बढ़ावा देने और भविष्य की तकनीक को अपनाने की तैयारी की है।
नई सेमीकंडक्टर पॉलिसी के मुख्य लक्ष्य क्या हैं?
इस पॉलिसी का मकसद दिल्ली को सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना है। सरकार चाहती है कि यहाँ चिप डिजाइनिंग और रिसर्च के लिए बेहतर बुनियादी ढांचा (Infrastructure) तैयार हो। इसके लिए कंपनियों को वित्तीय और गैर-वित्तीय मदद दी जाएगी ताकि वे दिल्ली में अपनी यूनिट्स लगा सकें। यह पूरी योजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘आत्मनिर्भर भारत’ के विजन के साथ मिलकर काम करेगी।
इस पॉलिसी के 5 बड़े स्तंभ क्या होंगे?
- सेमीकंडक्टर डिजाइन और बौद्धिक संपदा (Intellectual Property) का विकास।
- रिसर्च, डेवलपमेंट और नए इनोवेशन पर जोर।
- असेंबली, टेस्टिंग, मार्किंग और पैकेजिंग (ATMP) जैसी मैन्युफैक्चरिंग गतिविधियों को बढ़ावा।
- युवाओं के लिए टैलेंट डेवलपमेंट और स्किलिंग प्रोग्राम।
- स्टार्टअप्स और औद्योगिक इकोसिस्टम को मजबूत करना।
बजट और रोजगार पर क्या असर पड़ेगा?
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 25 मार्च 2026 को बजट में इस पॉलिसी के लिए 1 करोड़ रुपये का प्रावधान किया था। इस कदम से दिल्ली के युवाओं के लिए चिप डिजाइन, रिसर्च और एडवांस पैकेजिंग जैसे क्षेत्रों में हाई-क्वालिटी नौकरियों के अवसर खुलेंगे। सरकार का मानना है कि इससे न केवल उद्योग बढ़ेगा बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए रास्ते भी खुलेंगे।
Frequently Asked Questions (FAQs)
दिल्ली की नई सेमीकंडक्टर पॉलिसी का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इसका मुख्य उद्देश्य दिल्ली को चिप डिजाइन, रिसर्च और एडवांस मैन्युफैक्चरिंग का केंद्र बनाना और युवाओं के लिए रोजगार पैदा करना है।
इस योजना के लिए सरकार ने कितना बजट रखा है?
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 2026-27 के बजट में इस पॉलिसी की रूपरेखा तैयार करने के लिए 1 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं।