Delhi में राशन कार्ड के लिए बढ़ी इनकम लिमिट, अब 2.5 लाख तक की कमाई वाले परिवार भी उठा सकेंगे लाभ

Delhi: दिल्ली सरकार ने राशन कार्ड बनवाने के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब शहर के और भी ज्यादा गरीब और जरूरतमंद परिवारों को सस्ता अनाज मिल सकेगा क्योंकि सरकार ने राशन कार्ड के लिए तय सालाना आय की सीमा को दोगुना कर दिय

Delhi: दिल्ली सरकार ने राशन कार्ड बनवाने के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब शहर के और भी ज्यादा गरीब और जरूरतमंद परिवारों को सस्ता अनाज मिल सकेगा क्योंकि सरकार ने राशन कार्ड के लिए तय सालाना आय की सीमा को दोगुना कर दिया है।

दिल्ली कैबिनेट ने 27 मई 2026 को इस प्रस्ताव को मंजूरी दी थी, जिसके बाद खाद्य, आपूर्ति और उपभोक्ता मामले विभाग ने 13 जुलाई 2026 को दिल्ली गजट में इसके नियम अधिसूचित किए। अब National Food Security Act (NFSA) के तहत Priority Household (PHH) कैटेगरी में शामिल होने के लिए सालाना पारिवारिक आय की सीमा 1.2 लाख रुपये से बढ़ाकर 2.5 लाख रुपये कर दी गई है। इसका मतलब है कि जिन परिवारों की महीने की कमाई लगभग 20,800 रुपये तक है, वे अब राशन कार्ड के लिए आवेदन कर सकते हैं। हालांकि, इसके लिए अन्य शर्तें भी पूरी करनी होंगी, जैसे परिवार के पास कार या पक्का मकान नहीं होना चाहिए।

खाद्य और आपूर्ति मंत्री Manjinder Singh Sirsa ने बताया कि यह फैसला आज की महंगाई और मजदूरी की हकीकत को देखते हुए लिया गया है ताकि ज्यादा से ज्यादा हकदार लोग इस योजना से जुड़ सकें। मुख्यमंत्री Rekha Gupta ने भी इस बढ़ोतरी की घोषणा की थी। विभाग ने मई महीने से नए आवेदन लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी है और उम्मीद है कि अब ज्यादा लोग फॉर्म भरेंगे।

इस विस्तार से पहले दिल्ली सरकार ने एक बड़ा ऑडिट किया था जिसमें 2.3 लाख से ज्यादा फर्जी राशन कार्ड हटाए गए। इनमें 1.44 लाख लोग ऐसे थे जिनकी आय सीमा बढ़ गई थी, 35,800 लोग राशन नहीं ले रहे थे, 29,580 की मौत हो चुकी थी और 23,394 कार्ड डुप्लीकेट पाए गए। फिलहाल दिल्ली में करीब 15 लाख सक्रिय राशन कार्ड धारक हैं जिन्हें सरकारी मदद से अनाज मिलता है।

इसके साथ ही सरकार राशन वितरण को और पारदर्शी बनाने के लिए Central Bank Digital Currency (CBDC) सिस्टम पर काम कर रही है। इस नए सिस्टम में राशन के बदले मिलने वाली आर्थिक मदद सीधे लाभार्थियों के डिजिटल वॉलेट में भेजी जाएगी, जिससे वे अधिकृत दुकानों से अनाज खरीद सकेंगे। इस तरह के डिजिटल पायलट प्रोजेक्ट गुजरात, चंडीगढ़ और पुडुचेरी जैसे इलाकों में पहले से चल रहे हैं।