Delhi: दिल्ली सरकार ने उन किसानों के लिए एक बड़ा फैसला लिया है जिनकी फसलें अगस्त और सितंबर 2025 में हुई भारी बारिश की वजह से बर्बाद हो गई थीं। सरकार ने मुआवजे की पुरानी दरों को बढ़ा दिया है ताकि अन्नदाताओं को उनकी मेहनत
Delhi: दिल्ली सरकार ने उन किसानों के लिए एक बड़ा फैसला लिया है जिनकी फसलें अगस्त और सितंबर 2025 में हुई भारी बारिश की वजह से बर्बाद हो गई थीं। सरकार ने मुआवजे की पुरानी दरों को बढ़ा दिया है ताकि अन्नदाताओं को उनकी मेहनत का सही दाम मिल सके। इस फैसले से करीब 10,000 किसान परिवारों को सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा।
मुआवजे की दरों में क्या बदलाव हुआ है
दिल्ली सरकार ने मुआवजे की राशि में काफी बढ़ोतरी की है। साल 2015 से जो पुरानी दर 20,000 रुपये प्रति एकड़ लागू थी, उसे अब बदलकर 75,000 रुपये प्रति हेक्टेयर कर दिया गया है। इससे पहले अक्टूबर 2021 में यह राशि 50,000 रुपये प्रति हेक्टेयर थी, लेकिन अब इसे और बढ़ा दिया गया है।
कितने किसानों को मिलेगा लाभ और कितनी राशि आएगी
इस योजना के तहत कुल 33.32 करोड़ रुपये की सहायता राशि आवंटित की गई है। सरकार का लक्ष्य है कि उन सभी 10,000 किसान परिवारों तक यह मदद पहुंचे जिन्होंने अतिवृष्टि के कारण अपनी फसल खोई थी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने पहले ही प्रभावित किसानों की सूची मांगी थी ताकि यह प्रक्रिया जल्द पूरी की जा सके।
| विवरण |
जानकारी |
| पुरानी दर (2015) |
₹20,000 प्रति एकड़ |
| नई दर |
₹75,000 प्रति हेक्टेयर |
| कुल लाभार्थी |
10,000 किसान परिवार |
| कुल बजट |
₹33.32 करोड़ |
Frequently Asked Questions (FAQs)
किस समय की फसल के नुकसान के लिए यह मुआवजा दिया जा रहा है?
यह मुआवजा अगस्त और सितंबर 2025 में हुई अतिवृष्टि (भारी बारिश) के कारण फसल नुकसान झेलने वाले किसानों को दिया जा रहा है।
मुआवजे की नई दर क्या है और कितने लोग लाभ पाएंगे?
नई दर 75,000 रुपये प्रति हेक्टेयर तय की गई है, जिससे दिल्ली के करीब 10,000 किसान परिवार लाभान्वित होंगे।