Delhi: दिल्ली की हवा को साफ करने और प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए सरकार ने अब तकनीक का रास्ता चुना है। 22 मई 2026 को दिल्ली सरकार और IIT कानपुर के AIRAWAT Research Foundation (ARF) के बीच एक MoU साइन किया गया। इस समझौते क
Delhi: दिल्ली की हवा को साफ करने और प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए सरकार ने अब तकनीक का रास्ता चुना है। 22 मई 2026 को दिल्ली सरकार और IIT कानपुर के AIRAWAT Research Foundation (ARF) के बीच एक MoU साइन किया गया। इस समझौते के जरिए शहर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित एयर क्वालिटी मैनेजमेंट सिस्टम लागू किया जाएगा, जिससे प्रदूषण की सटीक जानकारी मिल सकेगी।
इस AI सिस्टम से दिल्ली वालों को क्या फायदा होगा?
इस नए सिस्टम की मदद से दिल्ली में प्रदूषण की रियल-टाइम मॉनिटरिंग की जाएगी। AI तकनीक के जरिए यह पहले ही बता पाएगा कि आने वाले दिनों में प्रदूषण का स्तर क्या रहेगा। साथ ही, शहर के उन इलाकों (हॉटस्पॉट) की पहचान की जाएगी जहां प्रदूषण सबसे ज्यादा है। इससे सरकार को डेटा के आधार पर सही नीतियां बनाने और समय पर कदम उठाने में मदद मिलेगी, जिससे लोगों की सेहत पर बुरा असर कम होगा।
समझौते की खास बातें और सरकार की तैयारी
इस मौके पर दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि सरकार प्रदूषण से निपटने के लिए विज्ञान और तकनीक पर भरोसा कर रही है। यह समझौता फिलहाल एक नॉलेज पार्टनरशिप है, जिसका मतलब है कि अभी दिल्ली सरकार पर कोई आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा। ARF संस्था यह देखेगी कि बिना किसी खर्च के इस तकनीक को कैसे लागू किया जा सकता है। इस सिस्टम में हाइपर-लोकल मॉनिटरिंग और प्रदूषण के स्रोतों का पता लगाने जैसी सुविधाओं पर फोकस रहेगा।
Frequently Asked Questions (FAQs)
दिल्ली सरकार और IIT कानपुर के बीच क्या समझौता हुआ है?
दोनों के बीच AI आधारित एयर क्वालिटी मैनेजमेंट सिस्टम विकसित करने के लिए MoU साइन हुआ है, ताकि रियल-टाइम मॉनिटरिंग और प्रदूषण का पूर्वानुमान लगाया जा सके।
क्या इस प्रोजेक्ट के लिए दिल्ली सरकार को पैसा खर्च करना होगा?
नहीं, यह शुरुआती तौर पर एक नॉलेज पार्टनरशिप है और इससे सरकार पर कोई तत्काल वित्तीय बोझ नहीं पड़ेगा। ARF बिना लागत के तकनीक लगाने की संभावना तलाशेगा।