Delhi में अब AI बताएगा कब होगी हवा जहरीली, 72 घंटे पहले मिलेगा अलर्ट, IIT कानपुर के साथ हुआ समझौता
Delhi: दिल्ली की हवा को साफ करने और प्रदूषण से निपटने के लिए सरकार अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का सहारा लेगी। दिल्ली सरकार और IIT कानपुर के बीच एक खास समझौता हुआ है, जिससे अब शहर में प्रदूषण बढ़ने से पहले ही उसकी चेता
Delhi: दिल्ली की हवा को साफ करने और प्रदूषण से निपटने के लिए सरकार अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का सहारा लेगी। दिल्ली सरकार और IIT कानपुर के बीच एक खास समझौता हुआ है, जिससे अब शहर में प्रदूषण बढ़ने से पहले ही उसकी चेतावनी मिल जाएगी। इस नई तकनीक की मदद से 48 से 72 घंटे पहले ही पता चल जाएगा कि हवा कब जहरीली होने वाली है।
यह पूरा सिस्टम IIT कानपुर के ऐरावत अनुसंधान फाउंडेशन के सहयोग से तैयार किया जाएगा। इस AI आधारित सिस्टम का मुख्य काम प्रदूषण के हॉटस्पॉट यानी उन इलाकों की पहचान करना होगा जहां प्रदूषण सबसे ज्यादा होता है। साथ ही, यह सिस्टम यह भी बताएगा कि प्रदूषण किस वजह से फैल रहा है और इसके स्रोत क्या हैं। इससे सरकारी विभागों को समय रहते जरूरी कदम उठाने और कार्रवाई करने में मदद मिलेगी।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि सरकार AI और डेटा विश्लेषण के जरिए वायु गुणवत्ता में सुधार लाएगी। वहीं पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने बताया कि इस सहयोग का मकसद प्रदूषण के स्रोतों की बारीकी से पहचान करना और वैज्ञानिक तरीके से उनका आकलन करना है ताकि सही समय पर सही जगह कार्रवाई की जा सके। दिल्ली सरकार ने इसके लिए IIT कानपुर के साथ पांच साल का MoU साइन किया है।
प्रदूषण को कंट्रोल करने के लिए सरकार ने जमीन पर भी काम शुरू कर दिया है। पिछले 24 घंटों के भीतर 250 छोटे और 92 बड़े निर्माण स्थलों की जांच की गई। साथ ही 6,000 किलोमीटर से ज्यादा सड़कों की सफाई हुई और करीब 7,000 वाहनों के प्रदूषण चालान काटे गए।
सर्दियों के मौसम के लिए सरकार ने 19 जून 2026 को ‘प्रोएक्टिव विंटर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट फ्रेमवर्क’ भी लागू किया है। यह नियम 1 नवंबर से 28 फरवरी तक चलेगा। इसके तहत गैर-BS-VI कमर्शियल वाहनों की एंट्री पर रोक रहेगी, पार्किंग फीस दोगुनी कर दी जाएगी और सभी गाड़ियों के लिए वैध PUCC सर्टिफिकेट होना जरूरी होगा।