Delhi में पुरानी इमारतों को बचाने की नई तैयारी, प्राइवेट कंपनियां अब गोद ले सकेंगी ऐतिहासिक स्मारक

Delhi: दिल्ली सरकार ने शहर की पुरानी विरासतों को सहेजने के लिए ‘Our Monuments, Our Pride’ नाम से दो नई योजनाएं शुरू की हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि अब प्राइवेट कंपनियां और संस्थाएं दिल्ली के 75 स्

Delhi: दिल्ली सरकार ने शहर की पुरानी विरासतों को सहेजने के लिए ‘Our Monuments, Our Pride’ नाम से दो नई योजनाएं शुरू की हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि अब प्राइवेट कंपनियां और संस्थाएं दिल्ली के 75 स्मारकों को गोद ले सकेंगी। इस पहल का मकसद आम लोगों की भागीदारी बढ़ाकर पर्यटन को बढ़ावा देना और पुरानी इमारतों की हालत सुधारना है।

दिल्ली कैबिनेट ने 30 जून 2026 को इन योजनाओं को मंजूरी दी थी, जिसके बाद 1 जुलाई 2026 को मुख्यमंत्री ने इसकी आधिकारिक घोषणा की। इन योजनाओं के तहत दो अलग-अलग रास्ते अपनाए गए हैं। पहला है ‘Delhi Chief Minister Monument Adoption Scheme’, जिसमें प्राइवेट कंपनियां, PSU, NGO, ट्रस्ट और आम व्यक्ति ‘Monument Mitra’ बनकर किसी स्मारक को 5 साल के लिए गोद ले सकते हैं। ये लोग वहां की साफ-सफाई, लाइटिंग और सुरक्षा जैसी सुविधाओं का खर्च उठाएंगे। इसके लिए सरकार और जमीन मालिक एजेंसी के साथ एक समझौता किया जाएगा।

दूसरी योजना ‘Grant-in-Aid Scheme’ है, जिसके जरिए तकनीकी मरम्मत और संरक्षण के लिए यूनिवर्सिटी, ट्रस्ट और NGO जैसी संस्थाओं को 2 करोड़ रुपये तक की आर्थिक मदद दी जाएगी। यह मदद उन स्मारकों के लिए होगी जो दिल्ली प्राचीन और ऐतिहासिक स्मारक अधिनियम, 2004 के तहत आते हैं और ASI के दायरे से बाहर हैं। इनमें मिर्जा गालिब की हवेली, भुली भटियारी का महल, म्यूटिनी मेमोरियल और दारा शिकोह लाइब्रेरी जैसी जगहें शामिल हैं।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यह कदम प्रधानमंत्री के ‘विकास के साथ विरासत’ के विजन को आगे बढ़ाने के लिए उठाया गया है। सरकार चाहती है कि दिल्ली के इन ऐतिहासिक स्थलों को सांस्कृतिक और पर्यटन केंद्रों के रूप में विकसित किया जाए। मुख्यमंत्री कार्यालय के अधिकारियों ने साफ किया कि जो ‘Monument Mitra’ होंगे वे सुविधाओं पर ध्यान देंगे, जबकि ग्रांट वाली योजना तकनीकी संरक्षण के काम आएगी।