Delhi: राजधानी में बढ़ती गर्मी और हीटवेव के खतरे को देखते हुए दिल्ली सरकार पूरी तरह एक्शन मोड में आ गई है। मुख्यमंत्री Rekha Gupta ने लोगों की सुरक्षा के लिए ‘Heat Wave Action Plan 2026’ लागू करने के निर्देश
Delhi: राजधानी में बढ़ती गर्मी और हीटवेव के खतरे को देखते हुए दिल्ली सरकार पूरी तरह एक्शन मोड में आ गई है। मुख्यमंत्री Rekha Gupta ने लोगों की सुरक्षा के लिए ‘Heat Wave Action Plan 2026’ लागू करने के निर्देश दिए हैं। सरकार का मुख्य लक्ष्य यह है कि गर्मी की वजह से होने वाली मौतों को कम किया जा सके और आम जनता, खासकर मजदूरों और बच्चों को राहत मिले।
स्कूलों और बच्चों के लिए क्या इंतजाम किए गए हैं
स्कूलों में बच्चों को हाइड्रेटेड रखने के लिए ‘वाटर बेल’ सिस्टम अनिवार्य कर दिया गया है। अब हर 45 से 60 मिनट में घंटी बजेगी ताकि छात्र पानी पिएं। साथ ही, सुबह की असेंबली और बाहर की फिजिकल एक्टिविटी को या तो बंद कर दिया गया है या उन्हें छांव वाली जगह पर शिफ्ट किया गया है। छात्रों के लिए बडी सिस्टम भी शुरू किया गया है ताकि वे एक-दूसरे का ख्याल रख सकें और छुट्टी से पहले उन्हें ORS घोल भी दिया जाएगा।
मजदूरों और मरीजों के लिए सरकार ने क्या किया
धूप में काम करने वाले आउटडोर वर्कर्स के लिए दोपहर 12 या 1 बजे से शाम 3 या 4 बजे तक रेस्ट ब्रेक अनिवार्य किया गया है। मालिकों को निर्देश दिया गया है कि वे काम की जगह पर ठंडे पानी, कैप, गमछा और फर्स्ट-एड किट की व्यवस्था रखें। वहीं, स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए 30 से ज्यादा अस्पतालों में 5 बेड वाले ‘कूल रूम’ बनाए गए हैं। 13 जिलों के 339 हेल्थ सेंटर्स को हाई अलर्ट पर रखा गया है, जहाँ ORS और जरूरी दवाइयां उपलब्ध हैं।
आम जनता और जानवरों के लिए अन्य सुविधाएं
बस स्टॉप और भीड़भाड़ वाले इलाकों में ठंडे पानी और ORS की व्यवस्था की जा रही है। कुछ बस स्टॉप पर हाई-प्रेशर मिस्टिंग सिस्टम लगाए जाएंगे और घनी बस्तियों में कूलिंग के लिए एंटी-स्मॉग गन का इस्तेमाल होगा। बिजली कंपनियों को निर्देश दिया गया है कि अस्पताल और वाटर ट्रीटमेंट प्लांट जैसे जरूरी केंद्रों पर 24 घंटे बिजली रहे। इसके अलावा, DDA और दिल्ली जल बोर्ड पार्कों और बस डिपो में पशु-पक्षियों के लिए पानी और छांव का इंतजाम करेंगे। किसी भी आपात स्थिति में लोग 1077, 1070 या 112 पर कॉल कर सकते हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
स्कूलों में वाटर बेल सिस्टम क्या है?
वाटर बेल सिस्टम के तहत स्कूलों में हर 45 से 60 मिनट में घंटी बजाई जाएगी, ताकि बच्चों को याद रहे कि उन्हें पानी पीना है और वे डिहाइड्रेशन से बच सकें।
हीटवेव के दौरान मजदूरों के लिए क्या नियम हैं?
आउटडोर वर्कर्स के लिए दोपहर 12/1 बजे से शाम 3/4 बजे तक आराम करना अनिवार्य है। साथ ही उन्हें कैप, गमछा और पीने का ठंडा पानी उपलब्ध कराना नियोक्ता की जिम्मेदारी होगी।
इमरजेंसी में मदद के लिए किन नंबरों पर कॉल करें?
दिल्ली के निवासी गर्मी से जुड़ी किसी भी आपातकालीन सहायता के लिए 24×7 हेल्पलाइन नंबर 1077, 1070 या 112 पर संपर्क कर सकते हैं।